Employment – उपनल कर्मचारियों के अनुबंध और सुविधाओं में होंगे बड़े बदलाव
Employment – उत्तराखंड सरकार ने उपनल कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था लागू करते हुए संशोधित अनुबंध पत्र जारी किया है। राज्य सरकार की ओर से किए गए इस बदलाव के तहत अब कर्मचारियों को अस्थायी व्यवस्था के बजाय संविदा आधार पर विभागों में समायोजित किया जाएगा। साथ ही सेवा अवधि को लेकर भी नई व्यवस्था तय की गई है, जिसके अनुसार कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक हर साल सेवा विस्तार मिलता रहेगा।

कार्मिक विभाग की ओर से जारी नए प्रावधानों में कर्मचारियों की कई पुरानी मांगों को शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि समान कार्य के लिए समान वेतन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किए गए हैं। संशोधित अनुबंध पत्र जारी होने के बाद कर्मचारियों के बीच इसे महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
अवकाश और भत्तों से जुड़ी नई व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत उपनल कर्मचारियों को एक कैलेंडर वर्ष में 12 आकस्मिक अवकाश और 15 अर्जित अवकाश की सुविधा मिलेगी। हालांकि अर्जित अवकाश को अगले वर्ष तक आगे नहीं बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा कर्मचारियों को वेतन के साथ महंगाई भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है।
सरकार ने पूर्व में लागू श्रेणी व्यवस्था में भी बदलाव किया है। पहले कर्मचारियों को अकुशल, अर्द्धकुशल और अधिकारी स्तर जैसी श्रेणियों में रखा जाता था, लेकिन अब विभागीय पद की प्रकृति के आधार पर संविदा नियुक्ति की जाएगी। कर्मचारियों का कहना था कि पुरानी व्यवस्था में कई विसंगतियां थीं, जिन्हें अब दूर करने का प्रयास किया गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई में सुनवाई का अधिकार
संशोधित अनुबंध में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति में कर्मचारी को नियमानुसार अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्रेच्युटी को कुल मानदेय का हिस्सा माना जाएगा। कर्मचारी संगठनों ने इस प्रावधान को राहत देने वाला कदम बताया है।
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को अधिक स्थिर और स्पष्ट सेवा ढांचा उपलब्ध कराना है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, संशोधित नियमों को लागू करने के बाद विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनल कर्मचारियों को सीधे लाभ मिलेगा।
नर्सिंग भर्ती को लेकर सरकार का रुख
इधर नर्सिंग बेरोजगारों की भर्ती को लेकर भी राज्य में चर्चा जारी है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा है कि फिलहाल इस विषय को कैबिनेट में ले जाने की योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच और परीक्षण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि नर्सिंग भर्ती को लेकर अलग-अलग मांगें सामने आ रही हैं। कुछ लोग वर्षवार भर्ती की मांग कर रहे हैं, जबकि अन्य परीक्षा आधारित प्रक्रिया के पक्ष में हैं। उनका कहना था कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करते हैं, इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला लेना जरूरी है।
आंदोलन ने पकड़ा जोर
नर्सिंग भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन भी तेज होता जा रहा है। देहरादून में प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार युवाओं का आंदोलन लगातार जारी है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई लोग इस आंदोलन में शामिल हैं। प्रदर्शन के दौरान पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध जताने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी।
मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल छिड़कने की घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया। सरकार का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश जारी है।