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GoldMarket – सोने की खरीद में आया भूचाल, बाजार में अफवाहों से बढ़ी हलचल

GoldMarket – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद देशभर के सर्राफा बाजारों में सोने की खरीदारी अचानक तेज हो गई है। खासकर शादी के गहनों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है। बाजार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि लोगों के बीच यह आशंका फैल गई है कि आने वाले समय में सोने पर टैक्स बढ़ सकता है या खरीद से जुड़े नियम सख्त किए जा सकते हैं। इसी वजह से कई परिवार पहले से ही खरीदारी में जुट गए हैं।

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मंगलवार रात सरकार की ओर से सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद बाजार में हलचल और बढ़ गई। इसका असर बुधवार को कई शहरों के सर्राफा बाजारों में साफ दिखाई दिया, जहां ग्राहकों की भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रही।

शादी के सीजन से पहले बढ़ी खरीदारी

ज्वैलरी कारोबारियों के मुताबिक, जून से शुरू होने वाले विवाह सीजन को देखते हुए लोग पहले ही गहनों की खरीद कर रहे हैं। कई ग्राहक नवंबर और दिसंबर में होने वाली शादियों के लिए भी अभी से आभूषण बुक करा रहे हैं।

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि पिछले दो दिनों में ब्राइडल ज्वैलरी की बिक्री में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बड़े शहरों के प्रमुख ज्वैलरी शोरूम में रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार हो रहा है।

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से बढ़ी चिंता

सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले ने बाजार की चिंता को और बढ़ा दिया है। कारोबारियों के अनुसार, लोगों को लग रहा है कि आने वाले समय में सोना और महंगा हो सकता है। यही वजह है कि कई परिवार अभी खरीदारी को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।

मंगलवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार दर्ज की गई। वहीं 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दामों में भी तेजी बनी रही। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू नीतियों का असर आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है।

झावेरी बाजार समेत कई शहरों में बढ़ी रौनक

मुंबई के झावेरी बाजार सहित देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। कारोबारियों के अनुसार, कई लोग अफवाहों के चलते जल्दबाजी में खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों ने लोगों से बिना पुष्टि की खबरों पर भरोसा न करने की सलाह दी है।

दक्षिण भारत में भी भारी ब्राइडल ज्वैलरी की मांग बढ़ी है। कई दुकानदारों का कहना है कि परिवार पारंपरिक खरीदारी को टालना नहीं चाहते और भविष्य की कीमतों को लेकर सतर्क हैं।

उद्योग जगत ने सरकार से मांगा संवाद

ज्वैलरी इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों ने इस पूरे मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट संवाद की मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि अफवाहों के कारण बाजार में असमंजस की स्थिति बन रही है। उनका सुझाव है कि घरेलू स्तर पर मौजूद निष्क्रिय सोने को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए, जिससे आयात पर निर्भरता कम हो सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय परिवारों में सोना केवल निवेश नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा भी माना जाता है। यही कारण है कि बाजार में थोड़ी सी अनिश्चितता भी खरीदारी के रुझान को प्रभावित कर देती है।

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