Earthquake – युद्ध तनाव के बीच तेहरान में महसूस हुए भूकंप के झटके…
Earthquake – ईरान की राजधानी तेहरान में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.6 दर्ज की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई इलाकों में राहत और बचाव टीमों को सतर्क कर दिया है। ऐसे समय में यह भूकंप आया है जब ईरान पहले से ही अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और सैन्य हालात को लेकर दबाव में है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भूकंप का केंद्र तेहरान और माजनदरान प्रांत की सीमा के आसपास जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। झटके राजधानी तेहरान समेत आसपास के कई शहरों में महसूस किए गए, जिससे कुछ देर के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। कई लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
राहत एजेंसियां अलर्ट मोड में
ईरान के सरकारी प्रसारण नेटवर्क IRIB ने बताया कि भूकंप के लगभग एक घंटे बाद तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई थी। इसके बावजूद रेड क्रीसेंट की टीमों को तेहरान, कोम, अलबोर्ज और माजनदरान क्षेत्रों में अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में निगरानी जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक भूकंप की गहराई कम होने के कारण झटके अधिक महसूस किए गए। हालांकि तीव्रता मध्यम स्तर की थी, इसलिए बड़े नुकसान की आशंका कम रही। ईरान भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है और यहां समय-समय पर हल्के और मध्यम तीव्रता के झटके आते रहते हैं।
इससे पहले मार्च में भी आया था भूकंप
इस साल मार्च में भी ईरान के गेराश क्षेत्र में 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। उस समय भी झटके जमीन की सतह के काफी करीब महसूस किए गए थे। भूवैज्ञानिकों का कहना है कि ईरान कई टेक्टोनिक प्लेटों के प्रभाव वाले क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण यहां भूकंपीय गतिविधियां सामान्य मानी जाती हैं।
हालांकि हाल के महीनों में लगातार आए झटकों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी चिंता
भूकंप ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। दोनों देशों के बीच बीते कुछ समय से राजनीतिक और सैन्य बयानबाजी तेज हुई है। हाल ही में शांति वार्ता को लेकर हुई कोशिशें भी सफल नहीं हो सकीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में ईरान को लेकर कड़े बयान दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि समझौते की दिशा में प्रगति नहीं हुई तो अमेरिका सख्त कदम उठा सकता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी प्रशासन पश्चिम एशिया में सैन्य विकल्पों पर फिर विचार कर रहा है।
होर्मुज जलमार्ग को लेकर भी बढ़ी हलचल
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका होर्मुज जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही को लेकर भी रणनीति बना रहा है। इस समुद्री मार्ग को वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। यदि यहां तनाव बढ़ता है तो उसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों और तेल कीमतों पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में ईरान किसी भी प्राकृतिक या राजनीतिक संकट को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। भूकंप के बाद राहत एजेंसियों की सक्रियता को भी इसी दृष्टि से देखा जा रहा है।