अंतर्राष्ट्रीय

NuclearTalks – ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप ने जताया बड़ा भरोसा

NuclearTalks – मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अंततः अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को रोक देगा। ट्रंप ने कहा कि तेहरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे नहीं बढ़ पाएगा और अमेरिका इस मुद्दे पर पूरी तरह सतर्क है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच परमाणु वार्ता एक बार फिर तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है।

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एक अमेरिकी टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि ईरान अपनी गतिविधियां रोकने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी जल्दबाजी में समझौता नहीं करेगा और मौजूदा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। ट्रंप के अनुसार अमेरिका ने इस मामले में दबाव की रणनीति अपनाई हुई है और ईरान पर निगरानी बनाए रखी गई है।

वार्ता पर बना हुआ है तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद बना हुआ है। हाल के दौर की बातचीत में भी दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है। ट्रंप ने ईरान के हालिया जवाबी प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताया और कहा कि किसी भी समझौते से पहले अमेरिका अपनी सुरक्षा प्राथमिकताओं को नजरअंदाज नहीं करेगा।

उन्होंने बातचीत के दौरान यह भी संकेत दिया कि अमेरिका फिलहाल कड़े रुख पर कायम रहेगा। ट्रंप ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और वाशिंगटन बिना ठोस आश्वासन के कोई नरमी नहीं दिखाएगा।

ईरान ने दी जवाबी चेतावनी

दूसरी ओर ईरान की ओर से भी सख्त बयान सामने आए हैं। ईरानी संसद से जुड़े वरिष्ठ नेता इब्राहिम रेजाई ने कहा कि यदि देश पर फिर हमला हुआ तो ईरान यूरेनियम संवर्धन का स्तर और बढ़ा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर 90 प्रतिशत तक संवर्धन का विकल्प भी खुला रखा जाएगा, जिसे हथियार स्तर की श्रेणी माना जाता है।

रेजाई ने सोशल मीडिया पर कहा कि संसद इस विषय पर आगे की रणनीति पर विचार कर सकती है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संवर्धन का स्तर और बढ़ता है तो क्षेत्रीय तनाव तेजी से गहरा सकता है।

हमलों के बाद प्रभावित हुई परमाणु क्षमता

पिछले वर्ष अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान की कई परमाणु सुविधाओं को नुकसान पहुंचा था। इन हमलों के बाद ईरान की संवर्धन क्षमता प्रभावित होने की बात सामने आई थी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट बताती हैं कि ईरान के पास अभी भी बड़ी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम मौजूद है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार ईरान के पास लगभग 400 किलोग्राम 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम का भंडार है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मात्रा तकनीकी रूप से हथियार-स्तर के संवर्धन से बहुत दूर नहीं मानी जाती।

समझौते की राह अब भी मुश्किल

परमाणु मुद्दे पर अमेरिका और ईरान की प्राथमिकताएं अलग-अलग बनी हुई हैं। तेहरान चाहता है कि पहले आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंधों पर बातचीत हो, जबकि अमेरिका संवर्धित यूरेनियम के भंडार को खत्म करने और कार्यक्रम को सीमित करने पर जोर दे रहा है।

राजनयिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में बातचीत और कठिन हो सकती है। मिडिल ईस्ट में पहले से जारी अस्थिरता के बीच यह मुद्दा वैश्विक राजनीति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के प्रयासों पर नजर बनाए हुए है।

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