BridgeCollapse – बाढ़ में जर्जर पुलिया धंसने से छह युवक घायल
BridgeCollapse – बिहार में पुल और पुलिया से जुड़े हादसों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के हिस्से के क्षतिग्रस्त होने की घटना के बाद अब पटना के समीप बाढ़ इलाके में एक पुरानी पुलिया धंस गई। हादसे के समय पुलिया पर बैठे छह युवक मलबे में दब गए और सभी घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

यह हादसा बाढ़ अनुमंडल के बेलछी प्रखंड स्थित दल्लोचक गांव में बुधवार सुबह हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार गांव से पानी निकासी के लिए बनी पुलिया अचानक बीच से टूटकर गिर गई। उस समय कुछ युवक पुलिया पर बैठे बातचीत कर रहे थे, तभी पूरी संरचना अचानक धंस गई।
ग्रामीणों ने तुरंत शुरू किया बचाव कार्य
हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने बांस और स्थानीय संसाधनों की मदद से मलबा हटाकर युवकों को बाहर निकाला। सभी घायलों को सकसोहरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
घायलों में आर्यन कुमार, अभिमन्यु कुमार, पिंटू कुमार, सौरभ कुमार और गौरव समेत अन्य युवक शामिल बताए गए हैं। सभी की उम्र लगभग 18 से 20 वर्ष के बीच है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
वर्षों पुरानी थी पुलिया
ग्रामीणों का कहना है कि यह पुलिया करीब 15 वर्ष पहले गांव में जल निकासी की व्यवस्था के लिए बनाई गई थी। समय के साथ इसकी हालत खराब होती गई, लेकिन मरम्मत या मजबूतीकरण का काम नहीं कराया गया। स्थानीय लोगों ने निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है।
गांव वालों के मुताबिक पुलिया लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी और इसके संबंध में कई बार शिकायत भी की गई थी। बावजूद इसके किसी स्तर पर गंभीर पहल नहीं हुई। लोगों का कहना है कि समय रहते मरम्मत होती तो हादसे से बचा जा सकता था।
प्रशासन और पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही सकसोहरा थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्से की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से यह भी जांच की जाएगी कि पुलिया की स्थिति को लेकर पहले कोई रिपोर्ट या शिकायत दर्ज की गई थी या नहीं। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को फिलहाल उस रास्ते से दूर रहने की सलाह दी है।
हाल में विक्रमशिला सेतु की घटना से बढ़ी चिंता
कुछ दिन पहले भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने की घटना ने भी राज्य में आधारभूत ढांचे की स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए थे। उस घटना में पुल के एक हिस्से में दरार आने के बाद स्लैब नदी में गिर गया था, जिसके बाद यातायात रोकना पड़ा था।
विक्रमशिला सेतु उत्तर और पूर्वी बिहार के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। घटना के बाद राज्य सरकार ने पुल की मरम्मत और तकनीकी जांच के निर्देश दिए थे। अब बाढ़ की इस नई घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने पुलों और पुलियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
ग्रामीण इलाकों में निगरानी की मांग
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पुराने पुलों और जल निकासी संरचनाओं की व्यापक जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में कमजोर ढांचे बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण और मरम्मत जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।