SuicideCase – बरेली में शिक्षक की मौत, सुसाइड नोट से बढ़ी जांच
SuicideCase – उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक सरकारी शिक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस जांच तेज हो गई है। राजकीय इंटर कॉलेज में कार्यरत एक प्रवक्ता का शव उनके किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला। मौके से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने एक महिला और उसके परिवार के कुछ सदस्यों पर मानसिक दबाव और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

कमरे में मिला शिक्षक का शव
मृतक की पहचान 26 वर्षीय वशिष्ठ मुनि के रूप में हुई है, जो गोरखपुर जिले के रहने वाले थे और बरेली के नवाबगंज क्षेत्र स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में गणित के प्रवक्ता के पद पर तैनात थे। वह इज्जतनगर इलाके में किराये के मकान में रह रहे थे।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जब उनके पिता ने फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद मकान मालिक से संपर्क किया गया। मकान मालिक ने कमरे की खिड़की से देखा तो शिक्षक का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
पुलिस को कमरे की तलाशी के दौरान चार पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नोट में मृतक ने अपनी परिचित महिला और उसके भाइयों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उन्होंने कथित तौर पर पैसे लेने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने का भी जिक्र किया है।
पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार मोबाइल फोन की जांच में कुछ संदेश भी मिले हैं, जिनमें विवाद और धमकी से जुड़े संकेत पाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया
एएसपी शिवम आशुतोष सिंह ने बताया कि मामले में परिवार की ओर से जो भी शिकायत मिलेगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। मामले को संवेदनशील मानते हुए फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।
उन्नाव में शिक्षिका का मामला भी चर्चा में
इसी बीच उन्नाव जिले से भी एक शिक्षिका से जुड़ा मामला सामने आया है। यहां एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें स्कूल के ही एक कर्मचारी पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं।
शिक्षिका की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है। पुलिस ने वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
मानसिक दबाव से जुड़े मामलों पर चिंता
दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद कार्यस्थल पर मानसिक तनाव और व्यक्तिगत विवादों से जुड़े मुद्दों पर फिर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद और सहायता व्यवस्था की जरूरत होती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद या मानसिक दबाव की स्थिति में कानूनी और सामाजिक सहायता का सहारा लें। दोनों मामलों में जांच जारी है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है।