CabinetUpdate – बिहार में मंत्रियों को सौंपे गए जिलों के नए प्रभार
CabinetUpdate – बिहार सरकार ने प्रशासनिक निगरानी और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से मंत्रियों के बीच जिलों का नया बंटवारा कर दिया है। सम्राट चौधरी सरकार की ओर से जारी नई सूची में राज्य के सभी जिलों के लिए प्रभारी मंत्री तय किए गए हैं। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने शुक्रवार देर रात इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की। नई व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को वैशाली जिले की जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार के फैसले के मुताबिक कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को दो-दो जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि अधिकांश मंत्रियों को एक-एक जिले का प्रभार मिला है। यह जिम्मेदारी विकास योजनाओं की निगरानी और जिला स्तर पर प्रशासनिक समन्वय के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
चार मंत्रियों को मिले दो-दो जिले
नई सूची में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी को पटना और नालंदा जिलों का प्रभारी बनाया गया है। वहीं वरिष्ठ मंत्री श्रवण कुमार को पूर्वी चंपारण और शिवहर की जिम्मेदारी मिली है। विजय कुमार सिन्हा को गया और गोपालगंज का प्रभार दिया गया है, जबकि दिलीप जायसवाल को मुजफ्फरपुर और बांका जिलों की निगरानी सौंपी गई है।
इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को वैशाली का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। यह पहली बार है जब उन्हें किसी जिले की जिम्मेदारी दी गई है, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
कई अहम जिलों में नए चेहरे
सरकार द्वारा जारी सूची में कई जिलों में नए चेहरों को प्रभारी मंत्री बनाया गया है। अशोक चौधरी को रोहतास, संजय सिंह टाइगर को कैमूर, केदार प्रसाद गुप्ता को सीवान और संतोष कुमार सुमन को नवादा की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं श्रेयसी सिंह को सीतामढ़ी और दीपक प्रकाश को अरवल जिले का प्रभार मिला है।
रामकृपाल यादव को बेगूसराय, नीतीश मिश्रा को भागलपुर, लेशी सिंह को मधुबनी और मिथिलेश तिवारी को सहरसा जिले का प्रभारी बनाया गया है। सरकार का कहना है कि जिलों में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
विकास कार्यों की निगरानी करेंगे प्रभारी मंत्री
सरकार के निर्देश के अनुसार संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री अब 20 सूत्री जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष के रूप में भी काम करेंगे। उन्हें जिले में चल रही सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा करनी होगी।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले जारी की गई प्रभारी मंत्रियों की सूची अब निरस्त मानी जाएगी और नई सूची तत्काल प्रभाव से लागू होगी। अधिकारियों को भी इसके अनुरूप आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने के लिहाज से यह फेरबदल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिलों में मंत्रियों की सक्रिय भूमिका से सरकार विकास योजनाओं की निगरानी को और प्रभावी बनाना चाहती है।