StressManagement – वजन और तनाव दोनों को कंट्रोल कर सकती हैं रोज की ये आदतें
StressManagement – आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव लगभग हर व्यक्ति की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। काम का दबाव, अनियमित दिनचर्या और लगातार स्क्रीन के सामने समय बिताने जैसी आदतें शरीर और दिमाग दोनों पर असर डालती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ा सकता है, जिससे वजन बढ़ने की समस्या भी तेज हो जाती है। कई लोग मोटापा कम करने के लिए कठिन डाइट और भारी वर्कआउट अपनाते हैं, लेकिन रोजमर्रा की बुनियादी आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं।

डॉक्टर तरंग अरोड़ा का कहना है कि कुछ साधारण लेकिन नियमित आदतें तनाव कम करने और वजन नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं। उनके मुताबिक, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमेशा बड़े बदलाव जरूरी नहीं होते, बल्कि छोटी दिनचर्या भी लंबे समय में असर दिखाती है।
अच्छी नींद को बताया सबसे जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त और अच्छी नींद शरीर को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती है। डॉक्टर का कहना है कि कई लोग काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में अपनी नींद से समझौता कर लेते हैं। इसका असर मानसिक स्वास्थ्य और शरीर दोनों पर पड़ सकता है।
जब शरीर को पूरी नींद नहीं मिलती तो तनाव बढ़ने लगता है और शरीर में फैट जमा होने की संभावना भी बढ़ जाती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि रात में शांत, साफ और कम रोशनी वाले कमरे में सोने की आदत डालनी चाहिए। इससे शरीर को बेहतर आराम मिलता है और दिमाग भी शांत रहता है।
अकेलेपन से बढ़ सकता है तनाव
डॉक्टरों का मानना है कि तनाव के समय लोग अक्सर खुद को दूसरों से अलग करने लगते हैं। यह आदत मानसिक दबाव को और बढ़ा सकती है। कई बार लोग ऐसी स्थिति में ज्यादा खाना खाने लगते हैं, जिसे इमोशनल ईटिंग कहा जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना मानसिक तनाव कम करने में मदद कर सकता है। बातचीत करने और अपनी परेशानियां साझा करने से मन हल्का महसूस होता है। इससे मानसिक स्थिति बेहतर रहने में सहायता मिल सकती है।
रोजमर्रा की हलचल भी है जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि हर व्यक्ति के लिए रोज जिम जाना संभव नहीं होता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर को पूरी तरह निष्क्रिय छोड़ दिया जाए। डॉक्टर तरंग अरोड़ा सलाह देते हैं कि दिनभर छोटी-छोटी गतिविधियों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
घर या ऑफिस में थोड़ी देर टहलना, सीढ़ियों का इस्तेमाल करना या हल्की वॉक करना शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद कर सकता है। नियमित मूवमेंट से शरीर की ऊर्जा बनी रहती है और आलस्य कम हो सकता है।
ब्रीदिंग एक्सरसाइज से मिल सकता है फायदा
डॉक्टरों के अनुसार, सांस लेने की सही तकनीक भी तनाव कम करने में असरदार हो सकती है। डायफ्रॉमेटिक ब्रीदिंग को ऐसी ही एक प्रक्रिया माना जाता है, जिसमें धीरे और गहरी सांस लेने पर ध्यान दिया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभ्यास शरीर के रिलैक्स सिस्टम को सक्रिय करने में मदद करता है। इससे तनाव नियंत्रित करने और भूख को संतुलित रखने में सहायता मिल सकती है। इसे दिन में किसी भी समय कुछ मिनट के लिए किया जा सकता है।
छोटी आदतों से मिल सकता है बड़ा फायदा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव और बढ़ते वजन को नियंत्रित करने के लिए केवल कठिन नियमों की जरूरत नहीं होती। कई बार साधारण दिखने वाली आदतें भी शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर डाल सकती हैं। नियमित नींद, लोगों के साथ जुड़ाव, शरीर को सक्रिय रखना और सांस संबंधी अभ्यास जैसी बातें लंबे समय में बेहतर स्वास्थ्य के लिए मददगार साबित हो सकती हैं।