DiplomacyNews – अभिव्यक्ति और अल्पसंख्यक अधिकारों पर भारत ने दिया जवाब
DiplomacyNews – भारत ने मीडिया की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर लगाए गए आरोपों को सख्ती से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। यह बयान उस समय सामने आया जब नीदरलैंड में भारत की स्थिति को लेकर कुछ सवाल उठाए गए थे।

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने एम्स्टर्डम में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भारत को लेकर बनाई जा रही धारणाएं वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शातीं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां 1.4 अरब से अधिक लोग विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के साथ मिलकर रहते हैं।
भारत की विविधता पर दिया जोर
सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता वाला देश है, जहां अलग-अलग समुदायों और संस्कृतियों ने साथ मिलकर विकास किया है। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां कई प्रमुख धर्मों की शुरुआत हुई और आज भी वे पूरी स्वतंत्रता के साथ फल-फूल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म की जड़ें भारत में हैं। इसके अलावा दुनिया के कई अन्य धर्मों को भी यहां सुरक्षित माहौल मिला। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में यहूदी समुदाय को कभी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा, जो देश की सामाजिक संरचना को दर्शाता है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था का किया उल्लेख
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने हाल के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में शांतिपूर्ण और नियमित तरीके से सत्ता परिवर्तन होता है। उन्होंने इसे देश की लोकतांत्रिक मजबूती का उदाहरण बताया।
जॉर्ज ने कहा कि भारत ने आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति दोनों क्षेत्रों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ने का रास्ता चुना। उनके अनुसार, देश ने बिना किसी हिंसक व्यवस्था के गरीबी कम करने और विकास को आगे बढ़ाने में सफलता हासिल की है।
अल्पसंख्यकों को लेकर कही यह बात
अल्पसंख्यक समुदायों को लेकर उठे सवालों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में सभी समुदायों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलते हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में अल्पसंख्यक आबादी समय के साथ बढ़ी है, जो इस बात का संकेत है कि यहां सभी समुदाय सुरक्षित माहौल में जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और सह-अस्तित्व की भावना में है। यही वजह है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां आकर बसे और उन्होंने भारतीय समाज का हिस्सा बनकर योगदान दिया।
भारत-नीदरलैंड संबंधों को मिला नया स्तर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय नीदरलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई। इस दौरान भारत और नीदरलैंड ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया।
दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत नीदरलैंड को एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है और दोनों देशों के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध बने हुए हैं।