WestBengalPolitics – चुनावी हार के बाद भाजपा पर हमलावर हुईं ममता बनर्जी
WestBengalPolitics – पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अपना राजनीतिक रुख और आक्रामक कर दिया है। कोलकाता के कालीघाट स्थित आवास पर पार्टी विधायकों के साथ बैठक में टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर भी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

हालिया चुनावों में भाजपा ने राज्य में बहुमत हासिल कर सरकार बनाई है, जबकि पिछले 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को बड़ी राजनीतिक हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और विरोध प्रदर्शन का दौर तेज हो गया है।
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय और छोटे कारोबारियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई इलाकों में सड़क किनारे दुकान लगाने वाले हॉकर्स के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और इसे “बुलडोजर संस्कृति” का हिस्सा बताया।
टीएमसी प्रमुख ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, जनता ऐसे मुद्दों को लेकर भविष्य में अपनी प्रतिक्रिया दे सकती है। पार्टी ने घोषणा की है कि 21 मई से कोलकाता, हावड़ा और सियालदह जैसे प्रमुख इलाकों में विरोध कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
अभिषेक बनर्जी ने भी साधा निशाना
टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राजनीतिक दबाव के बावजूद पीछे हटने वाली नहीं है। अभिषेक ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से राजनीतिक संघर्ष जारी रखने की अपील की। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे आने वाले समय में जनसभाओं और आंदोलनों के जरिए अपनी बात जनता तक पहुंचाएंगे।
चुनाव बाद हिंसा को लेकर हाईकोर्ट पहुंची टीएमसी
राज्य में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कई जिलों से हिंसा और झड़पों की खबरें सामने आई हैं। इसी मुद्दे को लेकर टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। पार्टी का आरोप है कि उनके कार्यकर्ताओं और कार्यालयों को निशाना बनाया जा रहा है।
टीएमसी ने अदालत से मांग की है कि प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्टी का कहना है कि कई कार्यकर्ताओं को धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ा है।
ममता बनर्जी खुद पहुंचीं अदालत
मामले की गंभीरता को देखते हुए ममता बनर्जी हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं। उन्होंने अदालत में पार्टी का पक्ष रखा और हिंसा से जुड़े मामलों में न्यायिक निगरानी में जांच की मांग की। यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी हार के बाद टीएमसी अब विपक्ष की भूमिका में खुद को नए तरीके से स्थापित करने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेतृत्व लगातार कार्यकर्ताओं को संगठित रखने और राजनीतिक आधार मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
बंगाल में बढ़ा राजनीतिक तनाव
कोलकाता, हावड़ा और अन्य जिलों से लगातार राजनीतिक टकराव और विरोध प्रदर्शनों की खबरें आ रही हैं। भाजपा और टीएमसी दोनों एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगा रहे हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि टीएमसी 80 सीटों तक सिमट गई। इस परिणाम ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है और अब दोनों दलों के बीच राजनीतिक संघर्ष नए चरण में पहुंचता दिख रहा है।