ScootyScheme – मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी तेज…
ScootyScheme – उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही “रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना” की तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य सरकार की इस योजना के तहत सरकारी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाली मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। शुरुआती चरण में बड़ी संख्या में छात्राओं को इसका लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ योजना को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना की पात्रता, चयन प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि अभी अंतिम नियम और विस्तृत प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का संचालन पारदर्शी तरीके से हो और पात्र छात्राओं तक इसका लाभ समय पर पहुंचे।
मेरिट तय करने पर चल रहा मंथन
उच्च शिक्षा विभाग अब छात्राओं के चयन के लिए मेरिट का आधार तय करने में जुटा है। अधिकारियों के बीच इस बात पर चर्चा चल रही है कि चयन प्रथम वर्ष के अंकों के आधार पर किया जाए या अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणामों को प्राथमिकता दी जाए।
सरकार चाहती है कि चयन प्रक्रिया स्पष्ट और निष्पक्ष हो ताकि वास्तविक रूप से मेधावी छात्राओं को योजना का लाभ मिल सके। विभागीय स्तर पर विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और जल्द अंतिम दिशा-निर्देश जारी होने की संभावना है।
पहले चरण के लिए बजट स्वीकृत
राज्य सरकार ने योजना के लिए शुरुआती चरण में लगभग 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। शिक्षा विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस राशि से करीब 45 हजार छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराई जा सकती है।
हालांकि अंतिम संख्या शासन स्तर पर तय की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और भविष्य में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
बड़ी संख्या में छात्राएं होंगी पात्र
उच्च शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लाखों छात्राएं स्नातक स्तर पर अध्ययन कर रही हैं। इन्हीं छात्राओं में से मेरिट सूची तैयार कर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस योजना से छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में सुविधा मिलेगी और ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों की बेटियों को शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी। साथ ही यह योजना छात्राओं की आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाई जा रही है।
ऑनलाइन प्रक्रिया पर भी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, योजना को लागू करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रणाली तैयार की जाएगी। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से छात्राओं का शैक्षणिक डेटा जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि योजना लागू होने के बाद पात्र छात्राओं को चयन संबंधी जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पूरी प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
चुनावी वादे से जुड़ी योजना
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह योजना युवाओं और छात्राओं के बीच सरकार की पहुंच मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। राज्य सरकार पहले भी छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाएं लागू कर चुकी है।
फिलहाल छात्राएं और शिक्षण संस्थान इस योजना की विस्तृत गाइडलाइन जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।