BengalPolicy – पश्चिम बंगाल में नई सरकार के फैसलों से प्रशासनिक बदलाव तेज
BengalPolicy – पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने शुरुआती दिनों में ही कई अहम प्रशासनिक और नीतिगत फैसले लागू करने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी सरकार ने बीते करीब दो हफ्तों के भीतर शिक्षा, स्वास्थ्य, सीमा सुरक्षा, सरकारी भर्ती और नागरिकता से जुड़े कई मुद्दों पर तेजी से निर्णय लिए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करना और केंद्र की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना है।

केंद्र की योजनाओं को दी गई मंजूरी
नई सरकार ने उन केंद्रीय योजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन पर पहले राज्य स्तर पर सहमति नहीं बन पाई थी। इनमें आयुष्मान भारत योजना भी शामिल है। सरकार का दावा है कि इस योजना के लागू होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं में राहत मिलेगी और पात्र लोगों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
जनगणना प्रक्रिया को लेकर तैयारी
राज्य प्रशासन ने लंबित जनगणना प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अब संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के लिए कहा गया है। सरकार का मानना है कि जनगणना से जुड़े आंकड़े भविष्य की नीतियों और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेंगे।
सीमा क्षेत्र में तेज होगी बाड़बंदी
अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के काम में तेजी लाने का निर्णय लिया है। राज्य प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों की जमीन बीएसएफ को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि इससे सीमा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था बेहतर हो सकती है।
नागरिकता प्रक्रिया पर प्रशासन सक्रिय
राज्य में नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA से जुड़ी प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। सरकार के अनुसार, निर्धारित पात्रता मानकों के तहत आवेदन करने वाले लोगों के मामलों की जांच की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर पुलिस और अन्य विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके।
अधिकारियों को मिलेगा केंद्रीय प्रशिक्षण
नई सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा और पुलिस अधिकारियों को केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजने का फैसला लिया है। इसके तहत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक दक्षता और समन्वय में सुधार होगा।
सरकारी भर्ती में युवाओं को राहत
राज्य कैबिनेट ने सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए आयु सीमा में छूट देने का भी फैसला किया है। सरकार का कहना है कि कई भर्ती प्रक्रियाओं में देरी होने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित हुए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए ऊपरी आयु सीमा में अतिरिक्त छूट देने का निर्णय लिया गया है।
नए आपराधिक कानून लागू करने की तैयारी
राज्य सरकार ने केंद्र द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों को प्रदेश में लागू करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। संबंधित विभागों को इसके लिए प्रशासनिक और कानूनी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को नए प्रावधानों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
सामाजिक योजनाओं में बदलाव के संकेत
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में कल्याणकारी योजनाओं को धर्म आधारित श्रेणियों के बजाय समान पात्रता के आधार पर संचालित किया जाएगा। इसके साथ महिलाओं के लिए नई आर्थिक सहायता योजना शुरू करने की घोषणा भी की गई है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को सीधी आर्थिक मदद देना है।
पशु वध से जुड़े नियमों पर सख्ती
राज्य प्रशासन ने पशु वध से संबंधित नियमों के पालन को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के किसी भी गाय या भैंस के वध की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय मौजूदा कानूनी प्रावधानों और अदालत के निर्देशों के आधार पर लिया गया है।