CementDeal – डालमिया भारत खरीदेगी जेपी ग्रुप की सीमेंट संपत्तियां
CementDeal – सीमेंट क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी कारोबारी खबर सामने आई है। डालमिया भारत लिमिटेड ने जयप्रकाश एसोसिएट्स की कुछ प्रमुख सीमेंट संपत्तियों के अधिग्रहण की घोषणा की है। कंपनी की ओर से बताया गया कि यह सौदा उसकी सहयोगी इकाई के माध्यम से किया जाएगा। इस अधिग्रहण के बाद डालमिया भारत की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, यह समझौता 21 मई 2026 को अंतिम रूप दिया गया। डील के तहत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्थित कई सीमेंट प्लांट्स को शामिल किया गया है। उद्योग जगत में इस सौदे को सीमेंट सेक्टर के महत्वपूर्ण विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
इन प्लांट्स का होगा अधिग्रहण
कंपनी जिन परिसंपत्तियों का अधिग्रहण कर रही है, उनमें मध्य प्रदेश के रीवा स्थित प्लांट के साथ उत्तर प्रदेश के चुर्क, चुनार और सदवा स्थित यूनिट्स शामिल हैं। बताया गया है कि यह सौदा करीब 2850 करोड़ रुपये में पूरा होगा।
इन प्लांट्स की संयुक्त उत्पादन क्षमता भी काफी बड़ी मानी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन इकाइयों की सालाना सीमेंट उत्पादन क्षमता लगभग 5.2 मिलियन टन है। इसके अलावा क्लिंकर उत्पादन क्षमता करीब 3.3 मिलियन टन प्रतिवर्ष बताई गई है।
ऊर्जा क्षमता भी सौदे का अहम हिस्सा
सीमेंट उत्पादन के साथ इन परिसंपत्तियों में ऊर्जा उत्पादन की सुविधा भी मौजूद है। जानकारी के अनुसार, अधिग्रहण में लगभग 99 मेगावाट की थर्मल पावर क्षमता भी शामिल है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी को संचालन लागत नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऊर्जा और उत्पादन क्षमता का एक साथ मिलना इस डील को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है। इससे कंपनी की उत्तर और मध्य भारत में मौजूदगी और मजबूत हो सकती है।
बढ़ेगी कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता
इस अधिग्रहण के पूरा होने के बाद डालमिया भारत की कुल सीमेंट क्षमता बढ़कर लगभग 54.70 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। कंपनी पहले से ही विस्तार योजनाओं पर काम कर रही है और आने वाले समय में नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
बताया गया है कि बेलगाम, पुणे और कडप्पा में चल रही परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कंपनी की कुल क्षमता लगभग 66.70 मिलियन टन प्रतिवर्ष तक पहुंच सकती है। इससे कंपनी देश के बड़े सीमेंट उत्पादकों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है।
पहले भी हो चुकी थी डील की कोशिश
यह पहली बार नहीं है जब डालमिया भारत ने जयप्रकाश एसोसिएट्स की सीमेंट संपत्तियों में रुचि दिखाई हो। इससे पहले दिसंबर 2022 में भी दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था। हालांकि उस समय जयप्रकाश एसोसिएट्स की वित्तीय स्थिति और दिवाला प्रक्रिया के कारण सौदा पूरा नहीं हो पाया था।
बाद में कंपनी दिवाला समाधान प्रक्रिया में चली गई, जिसके बाद परिसंपत्तियों को लेकर नई प्रक्रिया शुरू हुई। अब ताजा समझौते के बाद इस डील को लेकर उद्योग जगत में फिर चर्चा तेज हो गई है।
शेयर बाजार में दिखा सकारात्मक असर
इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में भी कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान डालमिया भारत के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। बीएसई पर शेयर लगभग 1792 रुपये के स्तर पर खुला और दिन के दौरान 1806 रुपये तक पहुंच गया।
हालांकि लंबी अवधि के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले एक वर्ष में कंपनी के शेयरों में गिरावट देखी गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में इस अधिग्रहण का असर कंपनी की कारोबारी स्थिति और निवेशकों की धारणा पर दिखाई दे सकता है।