स्वास्थ्य

SkinCare – बच्चों में फोड़े और स्किन इन्फेक्शन को हल्के में न लें…

SkinCare – बच्चों की त्वचा बेहद नाजुक होती है और इसी वजह से उन्हें त्वचा से जुड़ी समस्याएं जल्दी प्रभावित कर सकती हैं। हाल ही में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष यादव ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा मामला साझा किया, जिसने अभिभावकों का ध्यान बच्चों की स्किन केयर की ओर खींचा है। डॉक्टर के मुताबिक, एक बच्चा तेज बुखार और त्वचा पर गंभीर संक्रमण की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। शुरुआत में यह केवल छोटा सा फोड़ा था, लेकिन समय रहते इलाज न होने के कारण संक्रमण बढ़ता चला गया।

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छोटे फोड़े भी बन सकते हैं बड़ी परेशानी

डॉक्टरों के अनुसार बच्चों की त्वचा पर निकलने वाले छोटे फोड़े अक्सर सामान्य लगते हैं, इसलिए कई बार परिवार उन्हें नजरअंदाज कर देता है। लेकिन यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो यही संक्रमण गहरा हो सकता है। त्वचा के अंदर बैक्टीरिया फैलने पर सूजन, दर्द और बुखार जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों में यह समस्या आमतौर पर बालों की जड़ों या त्वचा की तेल ग्रंथियों में संक्रमण के कारण होती है। इसमें स्टैफिलोकोकस ऑरियस नाम का बैक्टीरिया प्रमुख वजह माना जाता है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए उनका शरीर संक्रमण से उतनी तेजी से लड़ नहीं पाता।

किन कारणों से बढ़ता है संक्रमण का खतरा

बच्चों में स्किन इन्फेक्शन के पीछे कई सामान्य कारण हो सकते हैं। खेलते समय धूल-मिट्टी, पसीना और त्वचा की ठीक से सफाई न होना बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका देता है। कई बार मामूली खरोंच, चोट या कीड़ों के काटने के बाद भी संक्रमण त्वचा के अंदर पहुंच सकता है।

गर्मियों और उमस के मौसम में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। अधिक पसीना आने से त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक गीला डायपर पहनना या बहुत टाइट कपड़े पहनाना भी त्वचा पर रगड़ और संक्रमण का कारण बन सकता है।

डॉक्टर ने दी शुरुआती देखभाल की सलाह

डॉ. संतोष यादव का कहना है कि बच्चों की त्वचा पर दिखाई देने वाले छोटे संक्रमणों को शुरुआत में ही गंभीरता से लेना जरूरी है। यदि शुरुआती अवस्था में देखभाल कर ली जाए तो संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है। उन्होंने सलाह दी कि छोटे फोड़े या लाल सूजन दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटीसेप्टिक क्रीम का इस्तेमाल किया जा सकता है।

साथ ही प्रभावित हिस्से को साफ और सूखा रखना भी बेहद जरूरी माना गया है। अगर फोड़े में लगातार सूजन बढ़ रही हो, दर्द ज्यादा हो रहा हो या बच्चे को बुखार आने लगे, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होता है।

बच्चों की साफ-सफाई पर दें विशेष ध्यान

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की रोजाना साफ-सफाई कई तरह के स्किन इन्फेक्शन से बचाव में मदद करती है। बच्चों को समय पर नहलाना, साफ कपड़े पहनाना और पसीना होने पर त्वचा को सूखा रखना जरूरी है। खासकर छोटे बच्चों में डायपर बदलने के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखना संक्रमण से बचाव में अहम भूमिका निभाता है।

डॉक्टरों के मुताबिक, अभिभावकों को यह समझना चाहिए कि त्वचा पर होने वाले छोटे बदलाव भी शरीर के अंदर संक्रमण का संकेत हो सकते हैं। ऐसे में लापरवाही की बजाय समय रहते सही देखभाल करना बच्चों की सेहत के लिए जरूरी है।

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