TerrorNetwork – सोशल मीडिया संपर्क से युवकों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी चिंता
TerrorNetwork – सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच बना रहे संदिग्ध नेटवर्कों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच सहारनपुर और आसपास के इलाकों से चार युवकों की गिरफ्तारी ने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक ये युवक कथित तौर पर ऑनलाइन संपर्क के माध्यम से एक संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े थे। गिरफ्तार किए गए युवकों में कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं जिन्हें गांव और मोहल्ले के लोग बेहद साधारण और शांत स्वभाव का बताते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार गिरफ्तार युवक सामान्य मजदूरी और छोटे कामकाज से जुड़े हुए थे। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि सोशल मीडिया के जरिए उनका संपर्क ऐसे लोगों से हो सकता है, जिन पर सुरक्षा एजेंसियां नजर रख रही थीं।
मजदूरी करने वाले युवकों पर जांच एजेंसियों की नजर
गिरफ्तार किए गए 22 वर्षीय महकाब के बारे में ग्रामीणों ने बताया कि वह पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था और अक्सर अपने काम में व्यस्त रहता था। वहीं शाहरुख देहरादून में टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करता था। परिवार के पास खेती की जमीन भी है और गांव में उसकी पहचान मेहनती युवक के रूप में थी।
हरिद्वार के रुड़की निवासी मुशर्रफ को लेकर भी गांव में चर्चाओं का दौर जारी है। पड़ोसियों का कहना है कि वह मिलनसार था और ज्यादातर समय बाहर रहकर मजदूरी करता था। उसके परिवार की इलाके में अच्छी छवि मानी जाती रही है। लोगों का कहना है कि वह ईद के मौके पर कुछ दिन पहले ही गांव लौटा था।
सोशल मीडिया के जरिए जुड़े संपर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों का संपर्क इंस्टाग्राम और वीडियो कॉल के जरिए संदिग्ध विदेशी नेटवर्क से हुआ था। पूछताछ में सामने आया है कि उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से निर्देश दिए जा रहे थे। एटीएस की जांच में यह भी सामने आया कि छोटे शहरों और गांवों के युवा, जो रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, ऐसे नेटवर्कों के आसान निशाने बनते जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। यही वजह है कि डिजिटल गतिविधियों की निगरानी को लेकर जांच एजेंसियां अब ज्यादा सतर्क हो गई हैं।
पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलीं
जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुछ स्थानों को निशाना बनाने की साजिश से जुड़ी जानकारियां दी हैं। हालांकि एजेंसियां अभी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और आधिकारिक स्तर पर सीमित जानकारी ही साझा की जा रही है।
बताया जा रहा है कि आरोपियों को कथित तौर पर अस्पताल, कारोबारी प्रतिष्ठानों और राजनीतिक कार्यालयों से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश मिले थे। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन युवकों की भूमिका कितनी गहरी थी और इनके संपर्क किन लोगों से थे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ाई गई निगरानी
चारों युवकों की गिरफ्तारी के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मुजफ्फरनगर निवासी गगनदीपक के बारे में भी पुलिस रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रही हैं। फिलहाल पूरे मामले में तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल माध्यमों से जुड़े डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है।