MiddleEast – होर्मुज क्षेत्र में बढ़ा तनाव, ईरान ने अमेरिकी ठिकाने पर किया हमला
MiddleEast – ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव अब एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। हालिया घटनाक्रम में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मौजूद एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किस विशेष एयरबेस पर हुआ।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, गुरुवार तड़के स्थानीय समय के मुताबिक लगभग सुबह पांच बजे यह सैन्य कार्रवाई की गई। IRGC ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के जवाब में मिसाइलें दागी गईं। इस बयान के बाद पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी कार्रवाई के बाद बढ़ी टकराव की स्थिति
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज क्षेत्र के पास ईरानी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। दावा किया गया कि अमेरिका ने ईरान से जुड़े कुछ ड्रोन और सैन्य संसाधनों को निशाना बनाया, जिन्हें क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा था। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे “रक्षात्मक कदम” बताया था।
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई बंदर अब्बास हवाई अड्डे के आसपास के इलाकों में की गई थी। इसके बाद ईरान की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव इन घटनाओं के बाद और बढ़ता नजर आ रहा है।
कई महीनों से जारी है तनावपूर्ण माहौल
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा टकराव पिछले कई महीनों से जारी है। फरवरी के अंत में दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हो गई थीं, जिसके बाद क्षेत्र में संघर्ष जैसी स्थिति बन गई। कुछ समय के लिए अस्थायी युद्धविराम की खबरें भी सामने आईं, लेकिन दोनों देशों ने एक-दूसरे पर लगातार संघर्ष विराम तोड़ने के आरोप लगाए।
होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। यहां किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र की गतिविधियों पर दुनियाभर की नजर बनी हुई है।
परमाणु समझौते पर अब भी बनी हुई है रुकावट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान देते हुए कहा था कि ईरान पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और किसी भी समझौते को लेकर जल्दबाजी नहीं की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह संकेत भी दिया कि बातचीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर सबसे बड़ा मतभेद बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में दे, जबकि ईरान ने इस मांग को अस्वीकार कर दिया है। इसी मुद्दे पर बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है।
बंदर अब्बास बना रणनीतिक केंद्र
ईरान का बंदर अब्बास क्षेत्र इस पूरे विवाद का अहम केंद्र बनता जा रहा है। यह इलाका ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण बंदरगाह और सैन्य केंद्र माना जाता है। यहां से व्यापारिक जहाजों के साथ-साथ रणनीतिक सैन्य गतिविधियों पर भी नजर रखी जाती है।
अमेरिका ने हालिया कार्रवाई में इसी क्षेत्र के आसपास मौजूद कुछ सैन्य ठिकानों और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाने का दावा किया था। इसके बाद ईरान की तरफ से जवाबी कार्रवाई हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।