अंतर्राष्ट्रीय

TerrorAlert – लश्कर आतंकी के भड़काऊ बयान पर बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की नजर

TerrorAlert – प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ सदस्य सैफुल्लाह कसूरी का एक वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे इस वीडियो में कसूरी ने इजरायल को मान्यता देने वाले मुस्लिम देशों और उनके नेताओं को लेकर विवादित और उग्र बयान दिए हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियां इस भाषण को क्षेत्रीय कट्टरपंथी गतिविधियों से जोड़कर देख रही हैं।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैफुल्लाह कसूरी वही आतंकी है जिसे अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। उस हमले में कई पर्यटकों की जान गई थी और उसके बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बढ़ गया था।

पाकिस्तान के रुख के बाद सामने आया वीडियो

सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान ने अमेरिका की ओर से आए एक प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से अस्वीकार किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के महीनों में कुछ मुस्लिम देशों से इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने और अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने की अपील की थी।

हालांकि पाकिस्तान ने दोहराया कि वह फिलिस्तीन मुद्दे के समाधान से पहले इजरायल को आधिकारिक मान्यता नहीं देगा। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी सार्वजनिक रूप से यही रुख दोहराया था। इसके बाद कसूरी का बयान सामने आने को कई विश्लेषक एक संवेदनशील घटनाक्रम मान रहे हैं।

पाक-सऊदी समझौते का किया उल्लेख

अपने भाषण में कसूरी ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए सुरक्षा समझौते का भी जिक्र किया। उसने इस समझौते को अलग तरीके से पेश करते हुए इसे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन से जोड़ने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उसके बयान वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाते।

भारतीय खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ समझौता मुख्य रूप से सुरक्षा सहयोग, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और आतंकवाद विरोधी समन्वय से जुड़ा है। एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि इसे किसी सैन्य आक्रामक रणनीति के रूप में देखना गलत होगा।

भारतीय एजेंसियों ने बताया भ्रामक प्रचार

भारतीय सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के बयान कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने और युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश का हिस्सा हो सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे भाषणों के जरिए आतंकी संगठन क्षेत्रीय और धार्मिक मुद्दों का इस्तेमाल कर अपने समर्थकों को सक्रिय रखने का प्रयास करते हैं।

खुफिया एजेंसियां फिलहाल वीडियो की तकनीकी जांच और उसके प्रसार के स्रोतों की भी पड़ताल कर रही हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह की सामग्री तेजी से फैलने से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।

पहलगाम हमले से जुड़ा है नाम

सैफुल्लाह कसूरी उर्फ खालिद का नाम भारत की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है। जांच एजेंसियों के अनुसार, अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले के पीछे उसकी भूमिका सामने आई थी। बैसरन घाटी में हुए उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।

उस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार सक्रिय आतंकी नेटवर्क पर निगरानी और सख्त कर दी थी। अब नए वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं।

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