CircleRate – लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में कृषि भूमि खरीदना होगा महंगा
CircleRate – लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। जिला प्रशासन ने कृषि भूमि के सर्किल रेट में व्यापक संशोधन करते हुए कई गांवों में दरों को पहले की तुलना में काफी बढ़ाने का प्रस्ताव जारी किया है। नई दरें 4 जून से प्रभावी होंगी। प्रशासन ने इस प्रस्ताव पर आम लोगों से 2 जून तक सुझाव और आपत्तियां भी आमंत्रित की हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते भूमि मूल्यों और बाजार दरों के बीच अंतर को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कई इलाकों में वास्तविक बाजार मूल्य और निर्धारित सर्किल रेट के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा था, जिसके चलते दरों की समीक्षा आवश्यक हो गई थी।
कई गांवों में दरों में बड़ा बदलाव
प्रस्तावित संशोधन के तहत मोहनलालगंज तहसील के अनेक गांवों में कृषि भूमि के सर्किल रेट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। नौदाला गांव में जहां पहले प्रति हेक्टेयर दर 18 लाख रुपये थी, उसे बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसी प्रकार पतौना और गोमीखेड़ा जैसे गांवों में भी दरें लगभग दोगुनी कर दी गई हैं।
दयालपुर, टिकरा और गौरा जैसे क्षेत्रों में भी नई दरें लागू होने पर भूमि पंजीकरण की लागत बढ़ जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इन क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान भूमि मूल्यों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसका प्रतिबिंब मौजूदा सर्किल रेट में दिखाई नहीं दे रहा था।
शहरी विस्तार का दिखा असर
लखनऊ नगर क्षेत्र के विस्तार और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते शहरी विकास को इस फैसले का प्रमुख कारण माना जा रहा है। कई गांवों में आवासीय परियोजनाएं, प्लॉटिंग और बहुमंजिला निर्माण तेजी से बढ़े हैं। इससे कृषि भूमि की मांग और कीमत दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
राजस्व विभाग द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि कई स्थानों पर भूमि का वास्तविक लेन-देन निर्धारित सर्किल रेट से काफी अधिक मूल्य पर हो रहा था। इसी अंतर को कम करने के उद्देश्य से प्रशासन ने नई दरों का प्रस्ताव तैयार किया है।
पांच तहसीलों के गांव होंगे प्रभावित
यह संशोधन केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। प्रस्ताव के अनुसार मोहनलालगंज के 161 गांवों, बक्शी का तालाब के 95 गांवों, सरोजनीनगर के 52 गांवों, मलिहाबाद के 13 गांवों और सदर तहसील के 6 गांवों को नई दरों के दायरे में लाया गया है। अधिकांश गांव प्रमुख सड़कों और विकसित हो रहे क्षेत्रों के निकट स्थित हैं, जहां भूमि की मांग लगातार बढ़ रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में बाजार मूल्य और सर्किल रेट के बीच ज्यादा अंतर पाया गया, वहां संशोधन की आवश्यकता सबसे अधिक महसूस की गई।
राजस्व लक्ष्य को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय
राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग के राजस्व लक्ष्य में भी बढ़ोतरी की है। पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व अर्जित किया था। इसी क्रम में नए वित्तीय वर्ष के लिए और अधिक राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है।
प्रशासन का मानना है कि सर्किल रेट और वास्तविक बाजार मूल्य के बीच संतुलन स्थापित होने से भूमि पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और राजस्व संग्रह में भी सुधार आएगा।
आपत्तियां और सुझाव देने का अवसर
जिला प्रशासन ने नागरिकों, किसानों और भूमि स्वामियों को प्रस्तावित दरों पर अपनी राय देने का अवसर दिया है। इच्छुक व्यक्ति 2 जून तक संबंधित कार्यालयों या ईमेल के माध्यम से सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त प्रतिक्रियाओं की समीक्षा के बाद 3 जून को सुनवाई की जाएगी और उसके बाद अंतिम निर्णय लागू किया जाएगा।