VikramshilaBridge – मरम्मत कार्य तेज, जल्द बहाल हो सकता है आवागमन
VikramshilaBridge – भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच संपर्क का प्रमुख माध्यम माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और वैकल्पिक संरचना निर्माण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यदि मौसम अनुकूल रहा तो जून के दूसरे सप्ताह से इस मार्ग पर यातायात दोबारा शुरू किया जा सकता है। लंबे समय से आवागमन बाधित होने के कारण स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

सेतु पर चल रहे कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसियों ने निर्माण प्रक्रिया को तेज कर दिया है। तीसरे अस्थायी पुल का निर्माण लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जबकि चौथे पुल के लिए आधारभूत कार्य भी शुरू कर दिए गए हैं।
निर्माण कार्य की लगातार हो रही निगरानी
अधिकारियों की देखरेख में निर्माण स्थल पर दिन-रात काम किया जा रहा है। चौथे अस्थायी पुल के लिए आवश्यक प्रारंभिक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। हालांकि हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण कुछ समय के लिए कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन निर्माण एजेंसियों ने समयसीमा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त प्रयास शुरू कर दिए हैं।
जिला प्रशासन भी परियोजना की नियमित निगरानी कर रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम लोगों को जल्द राहत मिल सके।
जिलाधिकारी ने लिया कार्यों का जायजा
शुक्रवार को जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण एजेंसियों से समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने को कहा। प्रशासन का लक्ष्य जल्द से जल्द सेतु पर यातायात बहाल करना है ताकि प्रभावित क्षेत्रों की आवाजाही सामान्य हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि पहले निर्माण कार्य को जल्दी पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन खराब मौसम और बिजली आपूर्ति में व्यवधान जैसी परिस्थितियों के कारण समयसीमा में कुछ बदलाव करना पड़ा।
भविष्य के लिए वैकल्पिक मार्ग की तैयारी
राज्य सरकार भी इस पूरे मामले को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देख रही है। सड़क अवसंरचना से जुड़े विभागों ने क्षेत्र में एक वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्रस्तावित योजना के तहत एक रिंग रोड को नदी घाट क्षेत्र से जोड़ने की संभावना पर काम किया जा रहा है।
इसके लिए सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को भविष्य में बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी और एक ही मार्ग पर निर्भरता कम होगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का कहना है कि नई सड़क परियोजनाओं और संपर्क मार्गों के विकास से न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। इससे भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच माल परिवहन और दैनिक यात्रा करने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क क्षेत्रीय आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी कारण वैकल्पिक मार्गों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सेतु क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित हुआ था संपर्क
गौरतलब है कि मई की शुरुआत में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से इस पर यातायात रोक दिया गया था। प्रशासन का कहना था कि यदि समय रहते आवागमन बंद नहीं किया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सेतु बंद होने के बाद भागलपुर सहित कई जिलों के लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों को तत्काल मरम्मत और पुनर्बहाली का काम सौंपा गया था, जो अब अंतिम चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है।