Surgery – गले में फंसे मछली के सिर से युवक की जान पर आई मुसीबत, फिर…
Surgery – झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में एक व्यक्ति के साथ हुई असामान्य घटना ने कुछ समय के लिए उसके परिवार और आसपास के लोगों की चिंता बढ़ा दी। खाना खाते समय उसके गले में मछली का सिर फंस गया, जिससे उसे सांस लेने और निगलने में गंभीर परेशानी होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने समय रहते उपचार कर उसकी जान बचा ली।

अधिकारियों के अनुसार, मरीज की पहचान 32 वर्षीय चंपई गगराई के रूप में हुई है, जो सोनुआ क्षेत्र का निवासी है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वह चिकित्सकीय निगरानी में स्वस्थ हो रहा है।
भोजन के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के मुताबिक, चंपई गगराई भोजन कर रहे थे, तभी मछली का एक हिस्सा उनके गले में फंस गया। इसके बाद उन्हें निगलने में कठिनाई होने लगी और सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हुई। कुछ ही समय में स्थिति गंभीर होती देख परिजनों ने उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचाने की कोशिश की।
स्थानीय स्तर पर प्राथमिक सहायता के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने तक मरीज काफी असहज स्थिति में था और तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता थी।
अस्पताल पहुंचते ही शुरू हुआ उपचार
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीज को आपातकालीन वार्ड में भर्ती किया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने तुरंत जांच शुरू की। जांच में पुष्टि हुई कि मछली का सिर गले के भीतर फंस गया है, जिससे मरीज को गंभीर परेशानी हो रही थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कान, नाक और गला रोग विशेषज्ञों तथा सर्जरी टीम को तत्काल बुलाया गया। चिकित्सकों ने बिना समय गंवाए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की ताकि किसी बड़े खतरे से बचा जा सके।
सर्जरी के जरिए निकाली गई बाधा
चिकित्सकीय टीम ने सावधानीपूर्वक सर्जरी कर गले में फंसे मछली के सिर को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज को तुरंत राहत मिली और उसकी सांस लेने की समस्या भी दूर हो गई।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उपचार के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। कुछ समय तक निगरानी में रखने के बाद चिकित्सकों ने बताया कि अब उसकी हालत खतरे से बाहर है।
डॉक्टरों की तत्परता से टला बड़ा खतरा
जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि समय पर अस्पताल पहुंचना और चिकित्सकों की त्वरित कार्रवाई इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में देरी होने पर मरीज की स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
जिला सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने चिकित्सा दल की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने समन्वित तरीके से काम करते हुए मरीज को सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सतर्कता के कारण संभावित जोखिम को समय रहते नियंत्रित किया जा सका।
सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को भोजन करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर मछली या अन्य ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन के दौरान जिनमें कांटे या कठोर हिस्से मौजूद हो सकते हैं। किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।