Accident – बदरीनाथ हाईवे हादसे में तीन की हुई मौत, तलाश जारी
Accident – उत्तराखंड के ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि चार अन्य लोगों का अब भी पता नहीं चल सका है। हादसे में घायल एक बच्चे को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना देवप्रयाग से आगे हाईवे पर उस समय हुई, जब बदरीनाथ धाम से लौट रही एक कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और गहरी ढलान से नीचे नदी में जा गिरी।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। लापता लोगों की खोज के लिए नदी क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
सड़क किनारे मिट्टी के ढेर से बिगड़ा संतुलन
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त वाहन बदरीनाथ से लौट रहा था। रास्ते में सड़क किनारे जमा मिट्टी के ऊंचे ढेर पर वाहन चढ़ गया, जिससे चालक नियंत्रण नहीं रख सका। इसके बाद कार सड़क से नीचे करीब 200 मीटर गहरी ढलान पार करते हुए नदी में जा समाई।
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के मुताबिक, वाहन में कुल आठ लोग सवार थे। हादसा इतना गंभीर था कि कार सीधे तेज बहाव वाले क्षेत्र में पहुंच गई, जिससे राहत कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया।
बचाव अभियान में जुटीं कई एजेंसियां
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। नदी में तलाश अभियान को तेज करने के लिए ऋषिकेश से प्रशिक्षित गोताखोरों को भी बुलाया गया। राहत दलों ने घटनास्थल के आसपास व्यापक खोजबीन शुरू की।
बचाव अभियान के दौरान एक गंभीर रूप से घायल बालक ढलान वाले हिस्से में मिला, जिसे तुरंत अस्पताल भेजा गया। वहीं नदी किनारे दो पुरुषों और एक महिला के शव बरामद किए गए। शेष लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है।
परिवार के कई सदस्य थे वाहन में सवार
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, वाहन उत्तराखंड में पंजीकृत था। कार में चालक समेत दो परिवारों के सदस्य यात्रा कर रहे थे। यात्रियों में राजस्थान के जैसलमेर क्षेत्र से जुड़े परिवार के लोग भी शामिल बताए गए हैं।
घटना के बाद प्रशासन ने मृतकों और लापता व्यक्तियों के परिजनों को सूचना देना शुरू कर दिया है। पहचान और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं के साथ-साथ खोज अभियान भी जारी रखा गया है।
बच्चे की जान ऐसे बची
हादसे में जीवित मिले 12 वर्षीय आयुष्मान की स्थिति गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, दुर्घटना के दौरान वह वाहन से अलग होकर पहाड़ी हिस्से में जा गिरा, जिससे वह सीधे नदी में नहीं बहा और उसकी जान बच सकी।
उसे पहले नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है।
अस्पताल में चल रहा गहन उपचार
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, आयुष्मान को गंभीर चोटों के साथ भर्ती किया गया था। भर्ती के समय वह अचेत अवस्था में था। जांच के बाद उसे गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया और वेंटिलेटर सहायता दी गई।
चिकित्सकीय परीक्षण में उसके दाहिने पैर की जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल बच्चे की हालत नाजुक लेकिन नियंत्रण में है।
तलाश अभियान जारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापता लोगों की खोज के लिए नदी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में अभियान जारी रहेगा। तेज बहाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद राहत दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित स्थानों पर खोजबीन की जा रही है और जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा।