Solar Energy – रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं के लिए बिजली खरीद दरों में हुआ बड़ा बदलाव
Solar Energy – रूफटॉप सोलर सिस्टम के माध्यम से बिजली उत्पादन करने वाले उपभोक्ताओं के लिए नई दरें लागू कर दी गई हैं। विद्युत नियामक आयोग के हालिया फैसले के अनुसार अब घरों की छतों पर लगाए गए सोलर प्लांट से ग्रिड को दी जाने वाली अतिरिक्त बिजली के बदले मिलने वाली राशि में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था का असर विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो भविष्य में इस योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित करेंगे।

आयोग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अगस्त 2025 के बाद स्थापित होने वाले रूफटॉप सोलर संयंत्रों से मिलने वाली बिजली के लिए भुगतान दर कम कर दी गई है। हालांकि पहले से योजना का लाभ ले रहे उपभोक्ताओं को पूर्व निर्धारित दरों का लाभ मिलता रहेगा।
पुराने उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
नियामक आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने अगस्त 2025 से पहले अपने घरों पर सोलर प्लांट स्थापित किए हैं, उनकी भुगतान दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। ऐसे उपभोक्ता पहले की तरह निर्धारित दर पर ही अतिरिक्त बिजली बेच सकेंगे।
इस फैसले से पुराने लाभार्थियों को राहत मिली है, जबकि नए आवेदकों को संशोधित दरों के अनुसार भुगतान प्राप्त होगा। आयोग ने बताया कि यह निर्णय विस्तृत समीक्षा और नीति संबंधी विचार-विमर्श के बाद लिया गया है।
ऊर्जा कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
आयोग ने राज्य की बिजली और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई है। विशेष रूप से बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से संबंधित परियोजनाओं में देरी को गंभीरता से लिया गया है।
आयोग का कहना है कि आवश्यक निर्देश जारी होने के बावजूद संबंधित परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की जा सकी। इस मामले में ऊर्जा एजेंसियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने और परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सौर ऊर्जा कार्यक्रम में राज्य का बेहतर प्रदर्शन
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए चल रही केंद्र सरकार की योजनाओं में राज्य का प्रदर्शन उल्लेखनीय बताया गया है। हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य को विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा अपनाने की दिशा में लोगों की रुचि बढ़ी है, जिसके चलते योजना को व्यापक समर्थन मिला है। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और बिजली खर्च में कमी जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
बड़े सोलर प्रोजेक्ट की दरें यथावत
जहां रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं के लिए दरों में बदलाव किया गया है, वहीं भूमि आधारित बड़े सोलर संयंत्रों के लिए निर्धारित बिजली खरीद दरों को यथावत रखा गया है। इस श्रेणी में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत स्थापित होने वाले सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।
इसके अलावा नहर किनारे और नहर के ऊपर स्थापित सौर परियोजनाओं की बिजली दरों में सीमित संशोधन किया गया है। आयोग का मानना है कि नई दरें परियोजनाओं की व्यवहार्यता और ऊर्जा क्षेत्र की मौजूदा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तय की गई हैं।
उपभोक्ताओं के भुगतान को लेकर सख्त रुख
आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े एक अन्य मामले में भी सख्त रुख अपनाया है। बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्हें समय पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया था। इस मामले में पूर्व में लगाए गए आर्थिक दायित्वों के संबंध में आयोग ने संबंधित ऊर्जा कंपनी से स्पष्ट जवाब मांगा है।
आयोग ने कहा है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती और लंबित भुगतान मामलों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। नियामक संस्था ने इस विषय पर जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।