WeatherAlert – जून में बदला मौसम का मिजाज, ठंडक के साथ पड़ी बारिश का दौर…
WeatherAlert – उत्तराखंड में जून का महीना इस बार सामान्य वर्षों से अलग नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों, खासकर देहरादून और मसूरी में लगातार हो रही बारिश ने मौसम को अप्रत्याशित रूप से ठंडा बना दिया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को सुबह और शाम हल्की ठंड का अहसास हो रहा है, जबकि कुछ दिन पहले तक गर्मी और उमस का असर बना हुआ था। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और नमी से भरी हवाओं के संयुक्त प्रभाव के कारण तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि मौसम का स्वरूप बार-बार बदल रहा है।
तापमान में आई उल्लेखनीय गिरावट
देहरादून में हाल के दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में स्पष्ट कमी दर्ज की गई है। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि लगातार वर्षा के कारण वातावरण में नमी बढ़ी है, जिससे गर्मी का असर कम महसूस हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियों ने इस बार तापमान को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके चलते लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है।
तीन दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान
भारतीय मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
सरकारी परिसरों में जलभराव की समस्या
लगातार बारिश का असर शहरी क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। देहरादून के कुछ सरकारी परिसरों में जलभराव और मलबा जमा होने की शिकायतें सामने आई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बारिश के दौरान निकासी व्यवस्था प्रभावित होने से कामकाज में परेशानी होती है।
स्थानीय स्तर पर नालों और जल निकासी तंत्र की सफाई की मांग भी उठ रही है। संबंधित विभागों को स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
किसानों की चिंता बढ़ी
बारिश और ओलावृष्टि का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। कई इलाकों में किसानों ने फसलों को संभावित नुकसान की आशंका जताई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय से अधिक या अनियमित वर्षा कुछ फसलों के लिए चुनौती बन सकती है।
हालांकि पर्याप्त वर्षा लंबे समय में कृषि के लिए लाभकारी मानी जाती है, लेकिन मौसम का असंतुलित स्वरूप खेतों में तैयार खड़ी फसलों को प्रभावित कर सकता है।
दिन में धूप, शाम को ठंडक
राजधानी देहरादून में इन दिनों मौसम का स्वरूप लगातार बदल रहा है। सुबह तेज धूप निकलती है, लेकिन दोपहर बाद बादल घिर आते हैं और कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हो जाती है। वर्षा के बाद चलने वाली ठंडी हवाएं तापमान को तेजी से नीचे ले आती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जून के महीने में इस तरह की ठंडक असामान्य महसूस हो रही है। कई लोग सुबह और रात के समय हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
पिछले वर्षों की तुलना में राहत
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में जून के दौरान तापमान कहीं अधिक दर्ज किया गया था। इस बार लगातार बारिश और सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण गर्मी का असर अपेक्षाकृत कम रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में भी तापमान सामान्य सीमा में रह सकता है।