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MangoExport – नेपाल ने भारतीय आमों पर प्रतिबंध की खबरों का किया खंडन

MangoExport – भारत से नेपाल जाने वाले आमों के निर्यात को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही अटकलों पर अब दोनों देशों की ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। भारत सरकार और नेपाल के संबंधित अधिकारियों ने कहा है कि भारतीय आमों के आयात पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इस स्पष्टीकरण के बाद किसानों, निर्यातकों और व्यापारियों के बीच बनी अनिश्चितता काफी हद तक दूर हो गई है।

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हाल ही में कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर रोक लगा दी है। इन खबरों के सामने आने के बाद कृषि क्षेत्र और व्यापारिक बाजारों में चिंता का माहौल बन गया था। विशेष रूप से उन कारोबारियों को नुकसान की आशंका थी जो दोनों देशों के बीच फल व्यापार से जुड़े हैं।

केंद्र सरकार ने रिपोर्टों को बताया भ्रामक

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि नेपाल द्वारा भारतीय आमों पर प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। मंत्रालय के अनुसार, नेपाल को आमों का निर्यात सामान्य रूप से जारी है और व्यापार में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आई है।

सरकार ने यह भी बताया कि नेपाल के प्लांट क्वारंटीन एवं कीटनाशक प्रबंधन केंद्र ने 10 जून को आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि भारतीय आमों के आयात पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। दोनों देशों के बीच कृषि उत्पादों का व्यापार निर्धारित नियमों के तहत जारी है।

निर्यात के आंकड़े क्या बताते हैं

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष जनवरी से जून तक भारत ने नेपाल को आम की 149 खेपों के माध्यम से करीब 2,005 टन आम निर्यात किए हैं। जून महीने में ही अब तक 18 खेपों के जरिए 266 टन आम नेपाल भेजे जा चुके हैं।

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं और भारतीय आमों की आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं आया है। निर्यातकों का कहना है कि नेपाल भारतीय आमों के प्रमुख बाजारों में शामिल है और वहां मांग लगातार बनी रहती है।

नए नियमों के कारण बढ़ी थी भ्रम की स्थिति

विशेषज्ञों के अनुसार, हाल में नेपाल द्वारा कृषि उत्पादों और फलों के आयात संबंधी कुछ नियमों में बदलाव किए गए हैं। इन नियमों का उद्देश्य पौधों के स्वास्थ्य और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करना है।

इन्हीं नए प्रावधानों को लेकर कुछ जगहों पर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद प्रतिबंध की चर्चाएं शुरू हो गईं। भारत सरकार का कहना है कि भारतीय आम निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा कर रहे हैं और निर्यात प्रक्रिया नियमित रूप से जारी है।

हालांकि, भारत ने यह चिंता भी जताई है कि नए नियमों को लागू करने से पहले पर्याप्त स्तर पर परामर्श नहीं किया गया। इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के तहत भी चर्चा की जा रही है।

नेपाल ने भी दी आधिकारिक जानकारी

नेपाल के अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि भारतीय आमों पर किसी प्रकार का प्रतिबंध लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आयात केवल निर्धारित फाइटोसैनिटरी मानकों के पालन के आधार पर किया जा रहा है।

नेपाल सरकार के अनुसार, संबंधित एजेंसियां सभी आवश्यक दस्तावेजों और गुणवत्ता संबंधी शर्तों की जांच के बाद ही आयात अनुमति जारी कर रही हैं। यह प्रक्रिया पहले से लागू नियमों के अनुरूप है और इसका उद्देश्य कृषि सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

व्यापारियों को मिली राहत

प्रतिबंध की खबरों के बाद नेपाल और भारत दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय में चिंता बढ़ गई थी। कई कारोबारियों का मानना था कि यदि आयात वास्तव में रुक जाता तो बाजार में आपूर्ति प्रभावित हो सकती थी और कीमतों पर भी असर पड़ता।

अब आधिकारिक स्पष्टीकरण आने के बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि नेपाल में भारतीय आमों की अच्छी मांग है और दोनों देशों के बीच फल व्यापार उपभोक्ताओं और कारोबारियों, दोनों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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