Rishabh Pant – सभी फॉर्मेट में वापसी के लिए किरमानी ने दी अहम सलाह
Rishabh Pant – भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर सैयद किरमानी का मानना है कि ऋषभ पंत के पास एक बार फिर तीनों प्रारूपों में भारतीय टीम का नियमित हिस्सा बनने की पूरी क्षमता है, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने खेल में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने होंगे। किरमानी के अनुसार, केवल आक्रामक बल्लेबाजी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार खेलने की समझ, फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन भी उतने ही जरूरी हैं।

फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन पर दिया जोर
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में किरमानी ने कहा कि पंत को अपनी शारीरिक तैयारी पर विशेष ध्यान देना होगा। उनका मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में किसी खिलाड़ी की सफलता केवल प्रतिभा से तय नहीं होती, बल्कि लंबे समय तक फिट रहना और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि किसी भी बल्लेबाज को हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की मानसिकता से बचना चाहिए। मैच की स्थिति, खेल का प्रारूप और टीम की जरूरत के अनुसार बल्लेबाजी करना ही एक सफल खिलाड़ी की पहचान होती है। किरमानी के मुताबिक, दबाव की परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना भी शीर्ष स्तर के क्रिकेट की बड़ी मांग है।
चयन के लिए प्रतिस्पर्धा पहले से ज्यादा कड़ी
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा कि यदि पंत को सीमित ओवरों की टीम में जगह बनानी है तो उन्हें अपने प्रदर्शन के जरिए यह साबित करना होगा कि वह अन्य विकेटकीपरों से बेहतर विकल्प हैं। भारतीय क्रिकेट में इस समय विकेटकीपर बल्लेबाजों की कमी नहीं है और कई युवा खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
किरमानी का मानना है कि राष्ट्रीय टीम में चयन का आधार केवल नाम या पिछले प्रदर्शन नहीं हो सकता। हर खिलाड़ी को लगातार अपनी उपयोगिता साबित करनी पड़ती है और पंत भी इससे अलग नहीं हैं।
पंत की प्रतिभा की खुलकर सराहना
हालांकि सलाह के साथ-साथ किरमानी ने पंत की प्रतिभा की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब ऋषभ पंत ने भारतीय टीम में कदम रखा था, तब उन्हें लगा था कि सचिन तेंदुलकर के बाद भारतीय क्रिकेट को इतना स्वाभाविक और असाधारण प्रतिभा वाला खिलाड़ी मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के समय में उभरते युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के आने तक वह पंत को सबसे प्रतिभाशाली क्रिकेटरों में गिनते थे।
किरमानी ने आश्चर्य जताया कि इतनी क्षमता रखने वाला खिलाड़ी पिछले कुछ समय से मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट तक सीमित दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, पंत के पास सभी प्रारूपों में प्रभाव छोड़ने की योग्यता मौजूद है।
कोच मार्गदर्शन दे सकते हैं, प्रदर्शन खिलाड़ी को करना होता है
1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे किरमानी ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के विकास में कोच और मेंटोर की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन मैदान पर अंतिम जिम्मेदारी खिलाड़ी की ही होती है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षक केवल दिशा दिखा सकते हैं, जबकि फैसले और प्रदर्शन खिलाड़ी को स्वयं करना पड़ता है।
उनके अनुसार, अच्छे या खराब प्रदर्शन का श्रेय और जिम्मेदारी अंततः क्रिकेटर के पास ही रहती है। इसलिए किसी खिलाड़ी को अपनी कमियों को पहचानकर लगातार सुधार की दिशा में काम करना चाहिए।
दुर्घटना के बाद बढ़ी चुनौतियां
दिसंबर 2022 में हुई गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद ऋषभ पंत लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे थे। करीब 15 महीने के पुनर्वास के बाद उन्होंने 2024 में आईपीएल के जरिए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की। इस दौरान भारतीय क्रिकेट में कई नए विकेटकीपर बल्लेबाजों ने अपनी दावेदारी मजबूत कर ली।
किरमानी ने कहा कि पंत की अनुपस्थिति में अन्य खिलाड़ियों ने मौके का फायदा उठाया और विभिन्न प्रारूपों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। ऐसे में अब पंत के सामने पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण प्रतिस्पर्धा है। उनका मानना है कि यदि पंत अपनी फिटनेस, अनुशासन और प्रदर्शन पर लगातार काम करते हैं, तो वह फिर से भारतीय टीम के सभी प्रारूपों में मजबूत दावेदारी पेश कर सकते हैं।