उत्तराखण्ड

TempleTheft – बदरीनाथ चढ़ावा चोरी जांच में बेनामी संपत्तियों के सुराग, एसआईटी की पड़ताल तेज…

TempleTheft- बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले की जांच अब संपत्तियों के स्रोत तक पहुंच गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के देहरादून स्थित नेहरू कॉलोनी आवास पर तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन दस्तावेजों से आरोपी की संपत्तियों और कथित आर्थिक लेनदेन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। फिलहाल जब्त किए गए रिकॉर्ड की विस्तार से जांच की जा रही है।

badrinath theft sit investigation

देहरादून स्थित घर में कई घंटे चली तलाशी

सूत्रों के अनुसार एसआईटी की टीम ने आरोपी के घर में करीब तीन घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान मकान के विभिन्न हिस्सों की गहन जांच की गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक टीम को तीन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। जांचकर्ता यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इन संपत्तियों का संबंध कथित तौर पर चढ़ावे की राशि से तो नहीं है। इससे पहले जांच टीम ने बदरीनाथ में स्थित आरोपी के कमरे की भी तलाशी ली थी।

नकदी, विदेशी मुद्रा और अन्य सामान मिला

तलाशी के दौरान पुलिस को नेपाली मुद्रा की दो गड्डियां, कुछ चांदी के सिक्के और भारतीय मुद्रा में नकदी भी मिली है। जांच अधिकारी अब यह भी पता लगा रहे हैं कि विदेशी मुद्रा का स्रोत क्या है और उसका मामले से कोई संबंध बनता है या नहीं। बरामद सभी वस्तुओं को जांच प्रक्रिया का हिस्सा बनाकर उनकी पड़ताल की जा रही है।

पूछताछ में सहयोगियों पर नहीं दी जानकारी

एसआईटी की पूछताछ के दौरान प्रमोद नौटियाल से लगातार कई दौर में सवाल किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक आरोपी ने किसी अन्य संभावित सहयोगी या कथित नेटवर्क के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। जांच एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ा रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि साक्ष्यों के मिलान के बाद मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

अब तक दो लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

इस प्रकरण में पुलिस अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को भी मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार राजेंद्र चौहान पूर्व में गणना अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और हाल ही में सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। जांच में उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की होगी गहन जांच

जांच एजेंसियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों के साथ बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी अभिलेख और अन्य वित्तीय जानकारी का मिलान किया जाएगा। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध निवेश के संकेत मिलते हैं तो उसके अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जारी है और निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाले जाएंगे।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.