स्वास्थ्य

FattyLiver – मीठे पेय पदार्थों को लेकर डॉक्टर ने दी चेतावनी

FattyLiver – लिवर को नुकसान पहुंचाने वाली आदतों की चर्चा होते ही अधिकतर लोगों के मन में सबसे पहले शराब का नाम आता है। लंबे समय से यह धारणा बनी हुई है कि शराब से दूरी बनाए रखने पर लिवर संबंधी बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल अल्कोहल ही लिवर की सेहत के लिए चुनौती नहीं है। आज बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी फैटी लिवर जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं जो शराब का सेवन नहीं करते।

fatty liver warning on sugary drinks

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने हाल ही में एक वीडियो के माध्यम से बताया कि कुछ मीठे पेय पदार्थ नियमित रूप से पीने की आदत लिवर पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। उनके अनुसार, कई लोग अनजाने में ऐसी ड्रिंक्स का सेवन करते हैं जो लंबे समय में लिवर में वसा जमा होने की संभावना बढ़ा सकती हैं।

किन पेय पदार्थों को लेकर जताई गई चिंता

डॉ. सेठी के मुताबिक, बाजार में उपलब्ध कई शर्करा युक्त पेय पदार्थ, जैसे सोडा, एनर्जी ड्रिंक और अन्य मीठे पेय, अत्यधिक मात्रा में चीनी और फ्रुक्टोज लिए होते हैं। इनका बार-बार सेवन शरीर पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन पेय पदार्थों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन्हें अक्सर दैनिक जीवन का सामान्य हिस्सा मान लिया जाता है, जबकि इनके सेवन की मात्रा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।

शरीर में कैसे असर डालती हैं ये ड्रिंक्स

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि तरल रूप में मौजूद चीनी शरीर में अपेक्षाकृत तेजी से अवशोषित हो जाती है। चूंकि इन पेय पदार्थों में फाइबर लगभग नहीं होता, इसलिए इनके सेवन के बाद रक्त में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।

फ्रुक्टोज का प्रसंस्करण मुख्य रूप से लिवर में होता है। जब लंबे समय तक इसकी अधिक मात्रा शरीर में पहुंचती रहती है, तो लिवर अतिरिक्त फ्रुक्टोज को वसा में बदलना शुरू कर सकता है। धीरे-धीरे यही वसा लिवर में जमा होकर फैटी लिवर जैसी स्थितियों का कारण बन सकती है।

निष्क्रिय जीवनशैली से बढ़ सकता है जोखिम

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति नियमित शारीरिक गतिविधि नहीं करता और साथ ही अधिक मात्रा में मीठे पेय पदार्थों का सेवन करता है, तो जोखिम और बढ़ सकता है। संतुलित भोजन और सक्रिय दिनचर्या की कमी भी मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

डॉक्टरों के अनुसार, फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है जो शुरुआती चरण में अक्सर बिना स्पष्ट लक्षणों के विकसित हो सकती है। इसलिए खानपान की आदतों पर समय रहते ध्यान देना महत्वपूर्ण माना जाता है।

मीठे पेय छोड़ने पर क्या हो सकते हैं फायदे

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि व्यक्ति नियमित रूप से शर्करा युक्त पेय पदार्थों का सेवन कम कर दे या बंद कर दे, तो शरीर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इससे लिवर पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम हो सकता है और समग्र मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को भी लाभ मिल सकता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मीठे पेय पदार्थों के स्थान पर पर्याप्त मात्रा में पानी, बिना अतिरिक्त चीनी वाली ग्रीन टी, ब्लैक टी या सीमित मात्रा में ब्लैक कॉफी जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं। ये पेय सामान्य रूप से बेहतर जीवनशैली का हिस्सा माने जाते हैं।

विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान देना जरूरी

स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी स्वास्थ्य समस्या, आहार परिवर्तन या उपचार संबंधी निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और नियंत्रित चीनी सेवन को लिवर की बेहतर सेहत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

नोट: यह सामग्री सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी चिकित्सा सलाह या उपचार के लिए अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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