CyberCrime – गिरिडीह में पुलिस टीम पर हमला, हिरासत से छुड़ाया आरोपी
CyberCrime – झारखंड के गिरिडीह जिले में साइबर अपराध से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम पर हमले की घटना सामने आई है। बुधवार देर रात अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के चिकसोरिया गांव में छापेमारी करने पहुंची साइबर थाना पुलिस को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि पुलिस द्वारा पकड़े गए एक संदिग्ध साइबर अपराधी को ग्रामीणों ने बलपूर्वक छुड़ा लिया। इस दौरान पुलिस वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया।

गुप्त सूचना के आधार पर पहुंची थी पुलिस टीम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, साइबर थाना को सूचना मिली थी कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में संदिग्ध चुड़ामन मंडल अपने ससुराल चिकसोरिया गांव में मौजूद है। सूचना मिलने के बाद साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में एक टीम रात करीब 12:30 बजे गांव पहुंची और संबंधित घर में कार्रवाई शुरू की।
बताया गया कि पुलिस को देखते ही चुड़ामन मंडल ने पीछे के रास्ते से निकलने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने उसे पकड़ लिया। इसी दौरान उसने अपना मोबाइल फोन अपनी पत्नी को सौंप दिया, जिसे बाद में खेत की ओर फेंक दिए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस जब उसे वाहन तक ले जाने लगी, तभी परिवार के कुछ सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया।
परिवार और ग्रामीणों के विरोध से बिगड़े हालात
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, आरोपी के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए खींचतान और धक्का-मुक्की की। शोर-शराबा बढ़ने के बाद आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि कुछ ही देर में करीब 20 से 25 महिला और पुरुष लाठी-डंडे, ईंट और पत्थरों के साथ वहां जमा हो गए और पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
इस घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की गई और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया गया। हमले के बीच हिरासत में लिया गया आरोपी पुलिस की पकड़ से निकलकर फरार हो गया।
अतिरिक्त पुलिस बल ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही अहिल्यापुर थाना प्रभारी एनुल हक खान अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके नेतृत्व में स्थिति को नियंत्रित किया गया और घिरी हुई पुलिस टीम को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
18 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
पुलिस पर हमले और आरोपी को छुड़ाने की घटना को लेकर अहिल्यापुर थाने में मामला दर्ज किया गया है। साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत की शिकायत पर 18 महिला और पुरुषों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि नामजद लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, हाथापाई और छीनाझपटी की। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त किया और पुलिस हिरासत से आरोपी चुड़ामन मंडल को छुड़ाकर फरार होने में मदद की। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।