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NoorjahanMango – आकार और स्वाद से खास है अलीराजपुर का दुर्लभ आम

NoorjahanMango – मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले का नूरजहां आम अपनी अनोखी विशेषताओं के कारण देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। आकार, स्वाद और सीमित उत्पादन की वजह से यह आम सामान्य किस्मों से बिल्कुल अलग माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका असाधारण आकार है, जो कई बार पपीते से भी बड़ा दिखाई देता है। आम प्रेमियों और बागवानी से जुड़े लोगों के बीच यह किस्म लंबे समय से आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

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कट्ठीवाड़ा के एक बाग तक सीमित है यह किस्म

अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में स्थित एक निजी बाग में यह विशेष आम पाया जाता है। बाग के मालिक शिवराज सिंह जाधव का कहना है कि नूरजहां आम फिलहाल केवल उनके बाग में मौजूद है। इसी वजह से इसकी पहचान और दुर्लभता दोनों लगातार बढ़ी हैं। हर वर्ष आम के मौसम में बड़ी संख्या में लोग इस अनोखे फल को देखने और इसके बारे में जानकारी लेने यहां पहुंचते हैं।

50 वर्ष पहले हुई थी खास प्रयोग की शुरुआत

इस आम की कहानी भी उतनी ही रोचक है जितनी इसकी पहचान। शिवराज सिंह जाधव के अनुसार, करीब पांच दशक पहले उनके पिता ने दो अलग-अलग आम की किस्मों—जहांगीर और गुजरात के राजापुरी—की कलम तैयार कर एक नई प्रजाति विकसित की थी। इसी प्रयोग का परिणाम नूरजहां आम के रूप में सामने आया। बाद में इसका नाम प्रसिद्ध अभिनेत्री नूरजहां के सम्मान में रखा गया।

वजन और आकार बनाते हैं इसे अलग

नूरजहां आम का आकार सामान्य आमों की तुलना में काफी बड़ा होता है। जानकारी के अनुसार, एक फल का वजन लगभग तीन से पांच किलोग्राम तक पहुंच सकता है। यही कारण है कि इसे देखने वाले लोग अक्सर इसके आकार को लेकर हैरान रह जाते हैं। बड़े आकार के बावजूद इसका स्वाद और गुणवत्ता भी इसे विशेष बनाती है।

बाजार में मिलती है प्रीमियम कीमत

सीमित उपलब्धता और अधिक मांग के कारण इस आम की कीमत भी काफी ऊंची रहती है। एक नूरजहां आम की कीमत आमतौर पर 1500 रुपये से 3000 रुपये तक पहुंच सकती है। उत्पादन बेहद कम होने के कारण इच्छुक खरीदारों को पहले से बुकिंग करानी पड़ती है। कई बार लोगों को एक फल प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक इंतजार भी करना पड़ता है।

केवल तीन पेड़ों पर निर्भर उत्पादन

शिवराज सिंह जाधव का दावा है कि इस किस्म के केवल तीन पेड़ मौजूद हैं और तीनों उनके बाग में ही हैं। उत्पादन का पूरा आधार इन्हीं पेड़ों पर टिका हुआ है। यही वजह है कि बाजार में इसकी उपलब्धता बहुत सीमित रहती है। बागवानी विशेषज्ञों और विभागीय प्रयासों के बावजूद अब तक इस किस्म के पेड़ों की संख्या बढ़ाने में उल्लेखनीय सफलता नहीं मिल सकी है।

स्वाद के कारण भी है विशेष पहचान

आकार और दुर्लभता के अलावा नूरजहां आम अपने स्वाद के लिए भी जाना जाता है। बाग के मालिक का कहना है कि इस किस्म को विभिन्न स्तरों पर सराहना मिल चुकी है और इसे कई राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि देश की कई जानी-मानी हस्तियां, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति भी शामिल हैं, इस विशेष आम का स्वाद चख चुके हैं।

पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना बाग

आम के मौसम में कट्ठीवाड़ा का यह बाग स्थानीय पर्यटन का केंद्र बन जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस दुर्लभ आम को देखने पहुंचते हैं। सीमित उत्पादन और अनोखी पहचान ने नूरजहां आम को केवल एक फल नहीं, बल्कि बागवानी की एक विशेष विरासत के रूप में स्थापित कर दिया है।

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