उत्तर प्रदेश

SamajwadiParty – मुरादाबाद में पीडीए सम्मेलन को लेकर बढ़ी सपा की अंदरूनी तकरार

SamajwadiParty – उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के भीतर एक बार फिर मतभेद खुलकर सामने आते दिखाई दे रहे हैं। हाल ही में आयोजित पीडीए सम्मेलन में क्षेत्र की सांसद रुचि वीरा को आमंत्रित नहीं किए जाने के बाद पार्टी के स्थानीय नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इस घटनाक्रम ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन के भीतर समन्वय और एकजुटता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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मुरादाबाद से लोकसभा सदस्य रुचि वीरा ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि उन्हें कार्यक्रम की जानकारी तक नहीं दी गई। उन्होंने संकेत दिया कि पूरे मामले को पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रखा जाएगा।

पीडीए सम्मेलन में नहीं मिला निमंत्रण

रविवार को समाजवादी पार्टी की महानगर इकाई की ओर से ताजपुर माफी क्षेत्र में पीडीए सम्मेलन आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें राज्यसभा सांसद जावेद अली, पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन, विधायक कमाल अख्तर और अन्य स्थानीय नेता शामिल थे।

हालांकि, क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली सांसद रुचि वीरा इस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थीं। बाद में यह सामने आया कि उन्हें कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं भेजा गया था, जिसके बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई।

सांसद ने जताई नाराजगी

रुचि वीरा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिले में मौजूद होने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम की सूचना तक नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें आमंत्रित किया जाता तो वह निश्चित रूप से सम्मेलन में हिस्सा लेतीं।

उनका कहना था कि चुनावी तैयारियों के दौर में इस तरह की घटनाएं संगठन के हित में नहीं मानी जा सकतीं। उन्होंने बिना किसी नेता का नाम लिए सवाल उठाया कि आखिर ऐसा कौन व्यक्ति है जो पार्टी के भीतर अनावश्यक विवाद पैदा कर रहा है। सांसद ने कहा कि इस विषय को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के संज्ञान में लाया जाएगा।

पुराने विवाद भी फिर चर्चा में

यह पहला मौका नहीं है जब मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए हों। इससे पहले पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन के परिवार से जुड़े एक निजी समारोह को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई थी।

उस समय भी रुचि वीरा ने संकेत दिया था कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। उस विवाद ने भी स्थानीय संगठन में चल रहे अंतर्विरोधों को उजागर किया था। अब पीडीए सम्मेलन को लेकर उठा नया विवाद उसी क्रम की अगली कड़ी माना जा रहा है।

महानगर अध्यक्ष का जवाब

विवाद बढ़ने के बाद समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष इकबाल अंसारी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों में किन नेताओं के चित्र लगाए जाएं और किस प्रकार की प्रस्तुति हो, इसके लिए संगठन की अपनी परंपराएं और व्यवस्थाएं हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं के चित्र कार्यक्रमों में प्रमुखता से लगाए जाते हैं। अंसारी ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में इस संबंध में कोई अलग दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं तो उनका पालन किया जाएगा।

विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी हलचल

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच पार्टी के अंदर ऐसे विवाद संगठनात्मक चुनौतियों की ओर संकेत करते हैं। विपक्षी दल भी इन घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल, मुरादाबाद में पीडीए सम्मेलन को लेकर शुरू हुई बहस ने स्थानीय सियासत को गर्मा दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मामले को किस तरह संभालता है और क्या आने वाले दिनों में संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों को दूर करने के लिए कोई पहल की जाती है।

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