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IndiaUKFTA – 15 जुलाई से लागू होगा भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता

IndiaUKFTA – भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से चर्चा में रहा मुक्त व्यापार समझौता अब लागू होने की दिशा में अंतिम चरण में पहुंच गया है। ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की है कि दोनों देशों के बीच हुआ यह महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौता 15 जुलाई से प्रभावी हो जाएगा। इस कदम को द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई गति देने वाला माना जा रहा है, जिससे व्यापार, निवेश और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं।

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यह समझौता ऐसे समय लागू हो रहा है जब हाल के महीनों में कुछ व्यापारिक मुद्दों, विशेष रूप से स्टील क्षेत्र से जुड़े नियमों को लेकर दोनों देशों के बीच चिंताएं सामने आई थीं। इसके बावजूद दोनों पक्षों ने बातचीत के माध्यम से आगे बढ़ने का रास्ता चुना।

उच्चस्तरीय वार्ता के बाद बनी सहमति

सूत्रों के अनुसार, फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच हुई बैठक ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और व्यापारिक संबंधों को और व्यापक बनाने पर सहमति जताई।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते का समय पर लागू होना दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक विश्वास को दर्शाता है। इससे भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ने की संभावना है।

स्टील व्यापार नियमों को लेकर बनी थी चिंता

ब्रिटेन द्वारा प्रस्तावित नई स्टील व्यापार व्यवस्था को लेकर भारतीय पक्ष ने पहले चिंता व्यक्त की थी। आशंका जताई गई थी कि नए नियम भारतीय स्टील उत्पादों के निर्यात को प्रभावित कर सकते हैं। इसी कारण कुछ समय के लिए यह संभावना भी सामने आई थी कि समझौते के कुछ पहलुओं पर पुनर्विचार किया जा सकता है।

हालांकि दोनों देशों के बीच लगातार संवाद जारी रहा और अंततः व्यापार समझौते को निर्धारित समय पर लागू करने का निर्णय लिया गया। इससे संकेत मिलता है कि दोनों सरकारें व्यापारिक मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने के पक्ष में हैं।

आयात शुल्क में बड़े बदलाव की तैयारी

समझौते के लागू होने के बाद कई उत्पादों पर शुल्क संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। भारत, ब्रिटेन से आने वाले कुछ प्रमुख उत्पादों पर आयात शुल्क में कमी करेगा। इनमें विशेष रूप से व्हिस्की और ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े उत्पाद शामिल हैं।

बताया गया है कि ब्रिटिश व्हिस्की पर लगने वाला शुल्क चरणबद्ध तरीके से काफी कम किया जाएगा। वहीं, निर्धारित कोटा व्यवस्था के तहत कुछ वाहन श्रेणियों पर शुल्क में भी उल्लेखनीय कमी की जाएगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारतीय निर्यातकों को भी मिलेगा लाभ

समझौते के तहत ब्रिटेन भी भारत से निर्यात होने वाले कई उत्पादों को शुल्क राहत प्रदान करेगा। कपड़ा उद्योग, फुटवियर और कुछ खाद्य उत्पादों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि शुल्क में कमी से भारतीय उत्पाद ब्रिटिश बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। इससे निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे और छोटे एवं मध्यम उद्योगों को भी फायदा पहुंच सकता है।

आर्थिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

विश्लेषकों के अनुसार, यह मुक्त व्यापार समझौता केवल शुल्क में कटौती तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग का आधार भी तैयार करेगा। इससे निवेश, रोजगार सृजन और उद्योगों के बीच साझेदारी को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

भारत और ब्रिटेन लंबे समय से मजबूत व्यापारिक साझेदार रहे हैं। अब इस समझौते के लागू होने के साथ दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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