Spiritual Practice – वर्षों से खड़े रहकर साधना करने वाले साधु की तस्वीरों पर तेज हुई चर्चा, देखें वीडियो
Spiritual Practice – सोशल मीडिया पर इन दिनों एक साधु की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं। इन तस्वीरों में लंबी जटाओं और पारंपरिक साधु वेशभूषा में दिखाई दे रहे दूलाल गिरि जी महाराज को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई लोग उनकी साधना को असाधारण बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी जता रहे हैं।

An Indian man named Dulal Giri Ji Maharaj dropped out of university to become a sadhu, vowing never to sit or lie down again. He believes this lifelong sacrifice of standing forever will eventually allow him to see the Hindu god, Mahadev.
Reports state he has been standing for… pic.twitter.com/gA5byh4L6r
— Sonel (@allthingzabsurd) June 13, 2026
साधना को लेकर किए जा रहे अलग-अलग दावे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दूलाल गिरि जी महाराज ने युवावस्था में ही अपनी पढ़ाई छोड़कर आध्यात्मिक जीवन अपना लिया था और भगवान शिव की उपासना में स्वयं को समर्पित कर दिया। उनके बारे में यह दावा किया जाता है कि वे कई वर्षों से कठिन तपस्या कर रहे हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया पर उनकी साधना की अवधि को लेकर अलग-अलग बातें कही जा रही हैं। कुछ पोस्ट में दावा किया गया है कि वे पिछले पांच वर्षों से लगातार खड़े हैं, जबकि अन्य दावों में यह अवधि 12 वर्ष बताई जा रही है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल तस्वीरों में दिखी शारीरिक स्थिति
साझा किए जा रहे वीडियो और तस्वीरों में उनके पैरों में सूजन जैसी स्थिति दिखाई देती है। कुछ तस्वीरों में पैरों का रंग भी सामान्य से अलग नजर आता है। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि वे आराम के लिए एक विशेष लकड़ी के सहारे का उपयोग करते हैं, जो ऊपर से जंजीरों के माध्यम से लटका हुआ दिखाई देता है।
स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर चर्चा करने वालों का कहना है कि साधु इसी सहारे के माध्यम से विश्राम करते हैं। कुछ वीडियो में लोगों को उनके पैरों पर मरहम या अन्य उपचारात्मक सामग्री लगाते हुए भी देखा गया है।
सोशल मीडिया पर मिली मिश्रित प्रतिक्रियाएं
इन तस्वीरों और वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी बंटी हुई हैं। कुछ यूजर्स ने उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता बताई है। उनका मानना है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति में रहने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
दूसरी ओर, कई लोग इसे गहरी आस्था और आत्मसंयम का उदाहरण मान रहे हैं। उनका कहना है कि कठिन साधना और तपस्या भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं का हिस्सा रही हैं और हर व्यक्ति इस स्तर का त्याग नहीं कर सकता।
आस्था और स्वास्थ्य के बीच बहस
दूलाल गिरि जी महाराज से जुड़ी तस्वीरों ने एक बार फिर आस्था, तपस्या और स्वास्थ्य के बीच संतुलन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। जहां कुछ लोग इसे आध्यात्मिक समर्पण का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं अन्य लोग इस तरह की साधना के शारीरिक प्रभावों पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल, सोशल मीडिया पर किए जा रहे अधिकांश दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, लेकिन उनकी तस्वीरों ने बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान जरूर आकर्षित किया है।