VectorControl – जुलाई में संचारी रोग अभियान को लेकर सक्रिय हुआ प्रशासन
VectorControl – जुलाई माह में प्रस्तावित संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य अभियान के सफल संचालन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना था।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि कई विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी है। ऐसे में सभी संबंधित विभागों को निर्धारित कार्यों का गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पालन करना होगा।
विभागों को सौंपी गई स्पष्ट जिम्मेदारियां
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्हें सौंपे गए कार्यों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से क्षेत्रीय स्तर पर लगातार निगरानी रखने, नियमित भ्रमण करने और जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ाने को कहा।
साथ ही, जिला पंचायत राज विभाग को सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि सफाई कर्मियों की ड्यूटी का व्यवस्थित रोस्टर तैयार किया जाए और स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ स्वच्छता अभियान चलाया जाए।
स्कूलों और सामाजिक योजनाओं से जुड़े लोगों को भी किया जाएगा जागरूक
प्रशासन ने शिक्षा विभाग और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विभागों को भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित इकाइयों से कहा गया है कि वे अपने लाभार्थियों और विद्यार्थियों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी संदेश आम लोगों तक पहुंचाएं।
अधिकारियों का मानना है कि व्यापक जनभागीदारी के बिना संचारी रोगों की रोकथाम का लक्ष्य हासिल करना कठिन होगा। इसलिए जागरूकता अभियान को गांवों और शहरी क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
जलभराव और गंदगी पर विशेष निगरानी
बैठक में वेक्टर जनित बीमारियों के प्रमुख कारणों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि गंदगी और जलभराव मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करते हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया और फाइलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने मलेरिया विभाग को निर्देश दिया कि जहां भी जलभराव की स्थिति हो, वहां समय रहते एंटी लार्वा दवाओं और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए। इसका उद्देश्य मच्छरों की संख्या को नियंत्रित करना और संक्रमण के जोखिम को कम करना है।
स्वास्थ्य विभाग करेगा नियमित निगरानी
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों को अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी गतिविधियों की निगरानी प्रभावी ढंग से की जाए ताकि अभियान का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
स्वास्थ्य विभाग को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अभियान के दौरान लोगों को रोगों की पहचान, बचाव और समय पर उपचार के बारे में पर्याप्त जानकारी दी जाए।
निर्धारित अवधि में चलेगा विशेष अभियान
प्रशासन के अनुसार, संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 जुलाई से 31 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। वहीं, दस्तक अभियान 11 जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को विभिन्न संक्रामक और मच्छरजनित रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी देंगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, पंचायत विभाग, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग और अन्य संबंधित इकाइयों के अधिकारियों ने भाग लिया। सभी विभागों को अभियान की सफलता के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया गया।