राष्ट्रीय

Border Security – विधानसभा में अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर सरकार ने किया ये दावा

Border Security – पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अवैध प्रवासियों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करने के लिए अभियान चलाया है और संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई की जा रही है। उनके बयान के बाद विधानसभा में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई।

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सरकार ने कार्रवाई के आंकड़े किए साझा

मुख्यमंत्री ने सदन में दावा किया कि अब तक बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की पहचान की गई है जो वैध दस्तावेजों के बिना राज्य में रह रहे थे। उन्होंने कहा कि लगभग 10 हजार लोगों को सीमा पार भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जबकि करीब 1,800 अन्य लोग विभिन्न केंद्रों में आवश्यक औपचारिकताओं के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर अपनी कार्रवाई जारी रखेगी और कानून के अनुसार आगे के कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे मामलों में प्राथमिकता कानूनी प्रक्रिया का पालन करना है।

नागरिकों को दिया आश्वासन

अपने संबोधन के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भारतीय नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की जा रही है जिनकी नागरिकता और निवास संबंधी स्थिति पर सवाल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं और सार्वजनिक संसाधन राज्य तथा देश के वैध नागरिकों के लिए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि धर्म, जाति या राजनीतिक विचारधारा के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।

सीमा प्रबंधन पर भी उठाए सवाल

सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा क्षेत्रों में आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। विशेष रूप से सीमा सुरक्षा बल को भूमि उपलब्ध कराने के मुद्दे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस दिशा में पहले अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

सरकार की ओर से प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, वर्तमान प्रशासन ने सीमा सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 142 एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए आगे भी कार्य जारी रहेगा।

सदन में राजनीतिक टकराव

मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। तृणमूल कांग्रेस को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों पर विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताई। सदन में कुछ समय के लिए शोर-शराबे की स्थिति भी बनी।

शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी उल्लेख किया और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों का संदर्भ देते हुए कई सवाल उठाए। उनके बयान के बाद विपक्षी विधायकों ने विरोध दर्ज कराया और सदन का माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया।

राजनीतिक बहस का केंद्र बना मुद्दा

अवैध प्रवासियों और सीमा सुरक्षा का विषय लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा का केंद्र रहा है। विधानसभा में मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। राजनीतिक दल अब अपने-अपने दृष्टिकोण से इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नागरिकता, सीमा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में भी राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल, विधानसभा में दिए गए मुख्यमंत्री के बयान पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा जारी है।

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