Banking Exam Scam – पटना में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे गिरोह का हुआ खुलासा
Banking Exam Scam – बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रही जांच के बीच पटना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिस पर बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से धन उगाही करने का आरोप है। राजधानी के रूपसपुर थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े उम्मीदवारों को निशाना बना रहा था।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि रूपसपुर इलाके में स्थित एक मकान से परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित तौर पर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस और अन्य जांच इकाइयों ने संयुक्त छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से कई दस्तावेज, चेक और अभ्यर्थियों से संबंधित कागजात बरामद किए गए, जिसके बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
पांच संदिग्धों को लिया गया हिरासत में
छापेमारी के दौरान सबसे पहले शाहपुर क्षेत्र के निवासी प्रवीण शंकर उर्फ गोलू कुमार को पकड़ा गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अन्य चार लोगों को भी हिरासत में लिया। इनमें अमित चौधरी, राज कुमार, करन कुमार और मनोज कुमार शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी संदिग्धों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क की पूरी संरचना और इसके संचालन के तरीके का पता लगाया जा सके।
कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद
जांच के दौरान पुलिस को 22 चेक, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की प्रतियां, मार्कशीट और विभिन्न बैंक भर्ती परीक्षाओं से जुड़े प्रवेश पत्र मिले हैं। बरामद सामग्री में बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड से जुड़े बैंक खातों के दस्तावेज भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस इन दस्तावेजों की सत्यता और उनके उपयोग की जांच कर रही है।
अग्रिम भुगतान के लिए लिए जाते थे चेक
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उम्मीदवारों से पहले ही हस्ताक्षरित चेक लिए जाते थे। पुलिस के अनुसार, कुछ चेकों पर लाखों रुपये की राशि भी दर्ज मिली है। अधिकारियों का मानना है कि यह रकम कथित तौर पर चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर अग्रिम भुगतान के रूप में ली जाती थी। हालांकि, अब तक कितने लोगों से लेनदेन हुआ और कितनों को इस तरह के झांसे में लिया गया, इसकी जांच जारी है।
कई राज्यों तक फैले संपर्कों की जांच
बरामद चेक और दस्तावेजों में अलग-अलग बैंक शाखाओं और विभिन्न राज्यों के नाम सामने आने के बाद पुलिस इस मामले को व्यापक स्तर पर खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित था या अन्य राज्यों में भी इसकी गतिविधियां फैली हुई थीं।
कार्यालय की तरह इस्तेमाल हो रहा था मकान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिस मकान में छापेमारी की गई, उसका उपयोग कथित तौर पर संपर्क केंद्र और लेनदेन के स्थान के रूप में किया जा रहा था। यहां अभ्यर्थियों से मुलाकात की जाती थी और भर्ती से जुड़े दावे किए जाते थे। मामले में रूपसपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच में विशेष कार्यबल की भी सहायता ली जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य संभावित लोगों की तलाश जारी है।