Trust – अयोध्या में ध्वजारोहण कार्यक्रम के बीच मंदिर ट्रस्ट ने दिया सामान्य स्थिति का संकेत
Trust – अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित एसआईटी की कार्रवाई जारी है। इसी बीच शेषावतार मंदिर के शिखर पर आयोजित ध्वजारोहण समारोह ने यह संकेत दिया कि मंदिर ट्रस्ट अपने नियमित धार्मिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों को पहले की तरह संचालित कर रहा है। कार्यक्रम में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी ने भी यही संदेश दिया कि व्यवस्थाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।

ध्वजारोहण कार्यक्रम में प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
समारोह के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ध्वजारोहण की प्रक्रिया का नेतृत्व किया। यह भूमिका उन्होंने पहले आयोजित महत्वपूर्ण आयोजनों की तरह ही निभाई। कार्यक्रम में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और मंदिर निर्माण से जुड़े प्रभारी गोपाल राव भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। दोनों ने परंपरा के अनुसार कार्यक्रम में पहुंचे संत-महात्माओं और अतिथियों का स्वागत किया।
जांच के मुद्दे पर नहीं हुई कोई सार्वजनिक टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान चढ़ावे से जुड़े विवाद या एसआईटी जांच के संबंध में किसी प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई। चंपत राय ने अपने संबोधन में भी इस विषय का उल्लेख नहीं किया। ऐसे समय में जब जांच को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं चल रही हैं, कई कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों को ट्रस्ट नेतृत्व की ओर से किसी आधिकारिक संदेश की उम्मीद थी। हालांकि समारोह का केंद्र धार्मिक आयोजन और पारंपरिक गतिविधियां ही रहीं।
कार्यकर्ताओं को थी स्पष्ट संदेश की अपेक्षा
जनपद के विभिन्न विकास खंडों और महानगर क्षेत्र से जुड़े अनेक कार्यकर्ता कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए थे। माना जा रहा था कि ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी इस अवसर पर चल रही चर्चाओं और जांच से जुड़े सवालों पर कुछ स्पष्टता दे सकते हैं। लेकिन मंच से इस विषय पर कोई विशेष बयान सामने नहीं आया।
संतों ने उठाए अलग दृष्टिकोण
कार्यक्रम में मौजूद कुछ संतों ने अपने संबोधन में विवादों को लेकर अलग दृष्टिकोण रखा। उन्होंने इन मुद्दों को मंदिर और उससे जुड़े कार्यों के विरोधियों की रणनीति के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की। संतों का कहना था कि धार्मिक गतिविधियां और मंदिर से जुड़े विकास कार्य निरंतर जारी हैं तथा इन्हें विवादों से प्रभावित नहीं होने देना चाहिए।
धार्मिक आयोजनों पर रहा मुख्य फोकस
पूरे आयोजन का केंद्र धार्मिक परंपराओं का निर्वहन और ध्वजारोहण समारोह रहा। श्रद्धालुओं और संतों की उपस्थिति में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जांच की प्रक्रिया अपनी जगह जारी है, जबकि ट्रस्ट की ओर से सार्वजनिक मंच पर फिलहाल किसी अतिरिक्त प्रतिक्रिया से परहेज किया गया।