Hindon Manthan – भूजल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन पर आज होगा मंथन
Hindon Manthan – पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भूजल संरक्षण और हिंडन नदी के पुनर्जीवन को लेकर शुक्रवार को मेरठ के होटल दोआब विलास में ‘हिंडन मंथन 2026’ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, उत्तर प्रदेश और भारतीय नदी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है। आयोजन में नदी संरक्षण, जल प्रबंधन और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा होगी।

चार सत्रों में होगी विस्तृत चर्चा
भारतीय नदी परिषद के अध्यक्ष रमणकांत ने बताया कि कार्यक्रम को चार अलग-अलग सत्रों में आयोजित किया जाएगा। इन सत्रों में भूजल स्तर सुधारने, नदी पुनर्जीवन की रणनीति, जल संरक्षण के व्यावहारिक उपाय और स्थानीय भागीदारी जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, ताकि हिंडन नदी से जुड़े मुद्दों पर ठोस सुझाव सामने आ सकें।
विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ होंगे शामिल
हिंडन मंथन में देशभर के नदी विशेषज्ञ, पर्यावरणविद, नदी किनारे स्थित गांवों के प्रधान, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और हिंडन नदी से जुड़े विभिन्न जिलों के प्रशासनिक अधिकारी भाग लेंगे। इसके अलावा नदी के बहाव क्षेत्र में आने वाले सात जिलों के सरकारी प्रतिनिधि और स्थानीय निकायों के सदस्य भी कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे।
कई प्रमुख अतिथि करेंगे शिरकत
कार्यक्रम में कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्य मंत्री दिनेश खटीक, डॉ. सोमेंद्र तोमर, सांसद राजकुमार सांगवान, विधायक अमित अग्रवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और पूर्व राज्यसभा सांसद विजयपाल तोमर सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार मनु गौड़, शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र सिंह, मेरठ और सहारनपुर मंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा पर्यावरण और जल संरक्षण से जुड़े कई विशेषज्ञ भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।
नदी संरक्षण के लिए साझा रणनीति पर रहेगा जोर
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंडन नदी के संरक्षण, भूजल संवर्धन और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर विचार करना है। इस दौरान विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे और स्थानीय स्तर पर लागू किए जा सकने वाले उपायों पर भी चर्चा करेंगे।
आयोजन में जल संरक्षण, नदी प्रदूषण की रोकथाम और जनभागीदारी को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर भी विशेष फोकस रहेगा। उम्मीद की जा रही है कि इस मंथन से भविष्य की योजनाओं के लिए उपयोगी सुझाव सामने आएंगे और हिंडन नदी के संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।