Verdict – मधुबनी डबल मर्डर मामले में मां और उसके साथी को हुई फांसी की सजा
Verdict – बिहार के मधुबनी जिले में बच्चों की हत्या से जुड़े बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। झंझारपुर स्थित एडीजे-2 की अदालत ने चार वर्षीय बालक और उसकी डेढ़ वर्षीय बहन की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई उनकी मां और उसके साथ आरोपी व्यक्ति को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को अत्यंत दुर्लभ श्रेणी का मानते हुए यह निर्णय दिया। लगभग तीन वर्ष तक चली सुनवाई के बाद यह फैसला आया है।

अदालत ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक रंजन की अदालत में हुई। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। स्थानीय न्यायिक इतिहास में यह पहला अवसर बताया जा रहा है जब झंझारपुर कोर्ट ने किसी मामले को दुर्लभतम श्रेणी में मानते हुए मृत्युदंड का आदेश दिया है। फैसले के बाद पूरे इलाके में इस मामले की चर्चा तेज हो गई।
वर्ष 2023 में दर्ज हुआ था मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जुलाई 2023 में महिला अपने दो छोटे बच्चों को साथ लेकर घर से चली गई थी। शिकायत के आधार पर उसके पति ने फुलपरास थाने में गुमशुदगी और बाद में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कराया। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि महिला एक अन्य व्यक्ति के साथ रह रही थी। इसी घटनाक्रम के दौरान दोनों बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई।
जांच में सामने आया घटनाक्रम
पुलिस जांच के अनुसार बच्चों के शव फुलपरास थाना क्षेत्र में नदी के पास बरामद किए गए थे। आरोप है कि दोनों बच्चों की हत्या करने के बाद उनके शव नदी में फेंक दिए गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
ग्रामीणों की सतर्कता से आरोपी पकड़े गए
जांच में यह भी सामने आया कि घटनास्थल के आसपास मौजूद कुछ स्थानीय लोगों को दोनों आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। ग्रामीणों ने शोर मचाकर अन्य लोगों को बुलाया और दोनों को मौके पर ही रोक लिया। बाद में पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसी कार्रवाई के दौरान पूरे मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
साक्ष्यों के आधार पर अदालत का निर्णय
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोप सिद्ध होते हैं। इसके आधार पर न्यायालय ने दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। यह फैसला विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुनाया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया कानून के प्रावधानों के अनुसार जारी रहेगी।
मामले ने समाज को किया था झकझोर
दो मासूम बच्चों की हत्या की यह घटना सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश देखने को मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से जांच पूरी कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। अब अदालत के फैसले के साथ इस चर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है, जबकि आगे की वैधानिक कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी।