TemplePass – राम मंदिर वीआईपी दर्शन पास के कथित दुरुपयोग की जांच में हुआ नया खुलासा
TemplePass – अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अब वीआईपी दर्शन पास के संभावित दुरुपयोग की भी पड़ताल शुरू कर दी है। जांच एजेंसी को मिली शिकायतों में दावा किया गया है कि विशेष दर्शन के लिए जारी किए जाने वाले कुछ पास कथित रूप से होटल संचालकों, ट्रैवल एजेंसियों और अन्य लोगों तक पहुंच गए थे। आरोप है कि इन पासों के जरिए श्रद्धालुओं से मोटी रकम लेकर शीघ्र दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी। एसआईटी ने इन शिकायतों को जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।

वीआईपी पास जारी करने की व्यवस्था पर जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से विशिष्ट दर्शन और सुगम दर्शन श्रेणी के पास जारी किए जाते हैं। ट्रस्ट की निर्धारित व्यवस्था के तहत प्रत्येक ट्रस्टी अपने निर्धारित कोटे से अलग-अलग समय स्लॉट के लिए पास जारी कर सकता है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रस्ट सदस्यों के नाम से जारी किए गए कुछ पास कथित रूप से बाहरी लोगों तक कैसे पहुंचे और उनका इस्तेमाल किस प्रकार किया गया। इस संबंध में एसआईटी ने ट्रस्ट से पूरी प्रक्रिया का विवरण भी मांगा है।
श्रद्धालुओं से धन लेने के आरोप
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मंदिर के आसपास सक्रिय कुछ होटल संचालक, ट्रैवल ऑपरेटर और बिचौलियों ने कथित रूप से इन पासों के बदले श्रद्धालुओं से बड़ी राशि वसूली। आरोपों के मुताबिक कुछ मामलों में एक पास के लिए 25 हजार रुपये तक लिए गए। दावा यह भी किया गया है कि सीमित समय में दर्शन करने की इच्छा रखने वाले बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को इस व्यवस्था का अधिक निशाना बनाया जाता था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जांच का दायरा लगातार बढ़ा
चढ़ावा से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान सामने आए इन नए तथ्यों के बाद एसआईटी ने वीआईपी पास प्रणाली को भी जांच का अहम हिस्सा बना लिया है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि किन व्यक्तियों के नाम पर जारी किए गए पास कथित रूप से गलत हाथों में पहुंचे और क्या इस पूरी प्रक्रिया में कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। साथ ही पास जारी करने और उसके उपयोग से जुड़े सभी रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
पारदर्शी व्यवस्था पर भी रहेगा जोर
सूत्रों के अनुसार, जांच केवल कथित अनियमितताओं तक सीमित नहीं रहेगी। एसआईटी भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पास वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने संबंधी सुझाव भी तैयार करेगी। जांच रिपोर्ट में यदि किसी स्तर पर नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।