JewelleryTheft – सोशल मीडिया की रील से खुला लाखों की ज्वेलरी चोरी का राज
JewelleryTheft – देहरादून में करीब एक वर्ष पहले हुई लाखों रुपये की आभूषण चोरी का मामला सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के कारण फिर चर्चा में आ गया। पुलिस ने इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चोरी गए अधिकांश गहने भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार जांच में मिले साक्ष्यों और शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुराने संदेह को नई जानकारी से मिली पुष्टि
यह घटना जाखन क्षेत्र स्थित एक आवास से जुड़ी है, जहां पिछले वर्ष सोने की अंगूठियां, चेन, लॉकेट और हीरे जड़ा पेंडेंट सहित कई कीमती गहने गायब हो गए थे। उस समय घर की मालकिन को अपनी घरेलू सहायिका पर संदेह था, लेकिन कोई ठोस प्रमाण नहीं होने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका। कई बार तलाश करने के बाद भी जब गहने नहीं मिले तो उन्होंने इसे अनसुलझा मान लिया।
सोशल मीडिया पोस्ट बनी अहम सुराग
करीब एक साल बाद पीड़िता की एक परिचित ने सोशल मीडिया पर एक महिला को ऐसे आभूषण पहने देखा, जो चोरी हुए गहनों से मिलते-जुलते बताए गए। यह जानकारी मिलने पर पीड़िता ने संबंधित फोटो और वीडियो देखे तो महिला की पहचान अपनी पूर्व घरेलू सहायिका के रूप में की। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट सुरक्षित किए और आभूषणों के खरीद संबंधी दस्तावेजों के साथ पुलिस से संपर्क किया।
शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
राजपुर थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान जुटाए गए तथ्यों के आधार पर महिला को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने चोरी की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर सोने का लॉकेट, दो अंगूठियां, हीरे जड़ा पेंडेंट और एक नेकलेस सहित कई आभूषण बरामद किए गए। बरामद सामग्री का मिलान शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण से किया जा रहा है।
पूछताछ में सामने आई प्रारंभिक जानकारी
पुलिस के अनुसार आरोपी महिला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की रहने वाली है और घटना के समय देहरादून में घरेलू सहायिका के रूप में कार्य कर रही थी। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि घर में काम करने के दौरान उसे आभूषणों की जानकारी मिली थी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि चोरी के बाद गहनों को कहीं बेचने या गिरवी रखने का प्रयास किया गया था या नहीं। मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बन रहे जांच का आधार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म कई मामलों में महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध करा रहे हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरें और वीडियो भी जांच के दौरान उपयोगी साबित हो सकते हैं, यदि उनकी पुष्टि अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से हो जाए। इस मामले में भी ऑनलाइन सामग्री ने जांच को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।