TempleTrust – राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज, इस्तीफों पर होगा फैसला
TempleTrust – अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित होने जा रही है। हाल ही में सामने आए दान राशि चोरी प्रकरण के बाद यह ट्रस्ट की पहली आधिकारिक बैठक होगी। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों पर विचार किया जाएगा। दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए जाएंगे या नहीं, इसका निर्णय ट्रस्ट के मतदान अधिकार रखने वाले सदस्यों के बहुमत से होगा।

मतदान प्रक्रिया पर रहेगी नजर
ट्रस्ट की कार्यकारिणी में कुल 15 सदस्य हैं, जिनमें चार पदेन सदस्य शामिल हैं। पदेन सदस्य बैठक में अपनी राय रख सकते हैं, लेकिन उन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं है। वर्तमान में एक पद रिक्त होने के कारण केवल 10 मतदान योग्य सदस्य ही इस प्रस्ताव पर फैसला करेंगे। इसी मतदान के आधार पर दोनों पदाधिकारियों के भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
कोषाध्यक्ष करेंगे बैठक का संचालन
जानकारी के अनुसार मणिराम दास छावनी में आयोजित होने वाली बैठक में अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की उपस्थिति रहेगी, जबकि कार्यवाही का संचालन पहली बार ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि करेंगे। बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि संबंधित विषय पर ट्रस्ट के सदस्य विचार-विमर्श कर सकें।
इस्तीफे मंजूर होने पर बदल सकता है ढांचा
यदि ट्रस्ट दोनों इस्तीफों को स्वीकार कर लेता है, तो संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। ऐसी स्थिति में रिक्त पदों को भरने के लिए नए सदस्यों के चयन पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय बैठक की कार्यवाही और सदस्यों की सहमति के बाद ही सामने आएगा।
ट्रस्ट की वर्तमान संरचना
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में विभिन्न धार्मिक, प्रशासनिक और विधिक क्षेत्रों से जुड़े सदस्य शामिल हैं। स्थायी सदस्यों में महंत नृत्य गोपाल दास, चंपत राय, स्वामी गोविंद देव गिरि, के. परासरन, डॉ. अनिल मिश्रा, युगपुरुष परमानंद गिरि, कृष्ण मोहन, दिनेंद्र दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जैसे सदस्य शामिल हैं। वहीं पदेन सदस्यों में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि, अयोध्या के जिलाधिकारी और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं। फिलहाल एक सदस्य का पद रिक्त है।
बैठक के फैसले पर टिकी निगाहें
ट्रस्ट की यह बैठक प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि हाल की घटनाओं के बाद संगठन की कार्यप्रणाली और नेतृत्व से जुड़े विषय चर्चा के केंद्र में हैं। बैठक समाप्त होने के बाद लिए गए निर्णयों की आधिकारिक जानकारी ट्रस्ट की ओर से साझा किए जाने की संभावना है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि मतदान के बाद ट्रस्ट दोनों इस्तीफों पर क्या फैसला करता है।