WTC – न्यूजीलैंड दौरे से पहले तैयारी मजबूत करने में जुटा भारतीय क्रिकेट बोर्ड
WTC- भारतीय क्रिकेट टीम के इस साल प्रस्तावित न्यूजीलैंड दौरे को ध्यान में रखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों की तैयारी को लेकर विशेष योजना बनाई है। चुनौतीपूर्ण विदेशी परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीनियर टीम के दौरे से पहले इंडिया ए टीम को न्यूजीलैंड भेजा जाएगा। इस तैयारी अभियान का मकसद खिलाड़ियों को स्थानीय हालात से परिचित कराना और संभावित विकल्पों का आकलन करना है।

इंडिया ए खेलेगी सीमित ओवर और प्रथम श्रेणी मुकाबले
न्यूजीलैंड दौरे के तहत इंडिया ए टीम तीन लिस्ट ए मैच खेलने के बाद दो प्रथम श्रेणी मुकाबलों में भी हिस्सा लेगी। इन मैचों के जरिए चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को सफेद और लाल गेंद दोनों प्रारूपों के खिलाड़ियों का मूल्यांकन करने का अवसर मिलेगा। माना जा रहा है कि कुछ ऐसे क्रिकेटरों को भी इस दौरे में शामिल किया जा सकता है, जो सीनियर टीम का हिस्सा हैं या टेस्ट टीम में जगह के दावेदार माने जा रहे हैं।
सीनियर खिलाड़ियों को भी मिल सकता है अभ्यास का अवसर
विदेशी परिस्थितियों में जल्दी तालमेल बैठाने के लिए बोर्ड कुछ अनुभवी खिलाड़ियों को भी इंडिया ए टीम के साथ भेज सकता है। न्यूजीलैंड की पिचें और मौसम भारतीय परिस्थितियों से काफी अलग माने जाते हैं, इसलिए पहले से वहां अभ्यास करने से खिलाड़ियों को मुख्य सीरीज शुरू होने से पहले जरूरी अनुभव मिल सकता है। इससे टीम संयोजन तय करने में भी मदद मिलने की संभावना है।
श्रीलंका दौरे से पहले भी अभ्यास पर रहेगा जोर
रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय टेस्ट टीम के अगस्त के पहले सप्ताह में श्रीलंका रवाना होने की संभावना है। वहां 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम श्रीलंका बोर्ड अध्यक्ष एकादश के खिलाफ अभ्यास मैच खेल सकती है। इस मुकाबले का उद्देश्य खिलाड़ियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार करने का मौका देना है। ऐसी तैयारी लंबे प्रारूप की सीरीज से पहले उपयोगी मानी जाती है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से अहम होंगी आगामी सीरीज
श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा होंगी। ऐसे में इन मुकाबलों का महत्व केवल द्विपक्षीय श्रृंखला तक सीमित नहीं रहेगा। मजबूत प्रदर्शन से टीम अंक तालिका में अपनी स्थिति बेहतर कर सकती है, जबकि कमजोर नतीजों का असर फाइनल की दौड़ पर भी पड़ सकता है। इसलिए दोनों दौरों पर प्रत्येक टेस्ट मैच का परिणाम बेहद अहम माना जा रहा है।
तैयारी पर विशेष ध्यान देने की रणनीति
हाल के वर्षों में विदेशी दौरों पर तैयारी को लेकर टीम प्रबंधन अधिक व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाता रहा है। इसी रणनीति के तहत अभ्यास मैचों और इंडिया ए के शैडो टूर को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे खिलाड़ियों को मैच परिस्थितियों में खुद को परखने का अवसर मिलेगा और चयनकर्ताओं को भी अंतिम टीम तय करने में पर्याप्त जानकारी हासिल होगी। बोर्ड की यह योजना आगामी महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से पहले भारतीय टीम की तैयारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।