PoliceCase – मुंबई मैराथन प्रकरण में सेना के अधिकारी पर दर्ज हुआ स्टॉकिंग का मामला
PoliceCase – मुंबई में आयोजित टाटा मुंबई मैराथन से जुड़े एक मामले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ महिला सहकर्मी का कथित तौर पर पीछा करने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आजाद मैदान पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 73 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

महिला अधिकारी की शिकायत के बाद दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस के अनुसार शिकायत सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल पद पर कार्यरत एक महिला अधिकारी ने दी है। उन्होंने बताया कि जनवरी में आयोजित टाटा मुंबई मैराथन के दौरान आरोपी अधिकारी लगातार उनके आसपास आने और संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि यह व्यवहार उनकी इच्छा के विरुद्ध था, जिसके बाद उन्होंने कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया।
सोशल मीडिया गतिविधि भी शिकायत का हिस्सा
महिला अधिकारी ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उनके साथ खिंचवाई गई कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। उनका कहना है कि ऐसा उनकी सार्वजनिक छवि को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया। पुलिस ने बताया कि शिकायत में दर्ज सभी बिंदुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है और डिजिटल साक्ष्यों की भी समीक्षा की जाएगी।
ईमेल शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, इस मामले की शुरुआती शिकायत ईमेल के माध्यम से कोलकाता पुलिस को भेजी गई थी। अधिकार क्षेत्र का विषय होने के कारण शिकायत को बाद में मुंबई के आजाद मैदान पुलिस थाने भेज दिया गया। दस्तावेजों की जांच के बाद स्थानीय पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 73 के तहत मामला दर्ज किया और औपचारिक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
पहले भी दर्ज हो चुकी हैं शिकायतें
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ पूर्व में भी कानूनी शिकायतें दर्ज कराई थीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 और 2025 में देहरादून में भी उनसे जुड़े मामले दर्ज हुए थे। पुलिस ने बताया कि उन मामलों में से एक में आरोपी फिलहाल जमानत पर है, जबकि जमानत से संबंधित न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।
जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पक्षों से जुड़े तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों, शिकायत और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक मामले में किसी न्यायिक निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई है।