उत्तर प्रदेश

WeatherUpdate – गहरे अवदाब के असर से उत्तर प्रदेश में तेज होगी मानसूनी बारिश

WeatherUpdate- बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हुआ कम दबाव का क्षेत्र अब और मजबूत होकर गहरे अवदाब में बदल गया है। इसकी रफ्तार पहले की तुलना में बढ़कर करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई है, जिसके चलते उत्तर भारत में मानसून के अधिक सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है। भारतीय मौसम विभाग लगातार इसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड मौसम केंद्र ने भी निगरानी बढ़ा दी है।

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कई जिलों में तेज बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास सक्रिय गहरे अवदाब का प्रभाव धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश तक पहुंच रहा है। इसके असर से प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। पूर्वांचल के अनेक जिलों में तेज हवाओं के साथ कहीं हल्की तो कहीं भारी और अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चरण में मानसूनी ट्रफ उत्तर की ओर खिसकने से राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का दायरा और बढ़ेगा।

मौसम विभाग की निगरानी लगातार जारी

अमौसी स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र इस मौसमी प्रणाली पर लगातार नजर रखे हुए है। रडार, मौसम गुब्बारों और अन्य तकनीकी उपकरणों की सहायता से इसकी दिशा और तीव्रता का आकलन किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान स्थिति बनी रहती है तो प्रदेश में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है, क्योंकि इस बार मानसून सामान्य समय से देर से सक्रिय हुआ था।

अवदाब क्या होता है?

समुद्र के ऊपर जब गर्म हवा तेजी से ऊपर उठती है तो उस स्थान पर वायुदाब कम हो जाता है। इस खाली स्थान को भरने के लिए आसपास की अपेक्षाकृत ठंडी और भारी हवाएं तेजी से उस ओर बढ़ती हैं। पृथ्वी के घूर्णन के कारण ये हवाएं घूमते हुए आगे बढ़ती हैं और एक संगठित मौसमी प्रणाली का निर्माण करती हैं। इसी मजबूत निम्न दबाव वाली स्थिति को मौसम विज्ञान की भाषा में अवदाब कहा जाता है, जो आगे चलकर अधिक शक्तिशाली प्रणाली का रूप भी ले सकती है।

इन क्षेत्रों में भारी वर्षा की आशंका

मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर तथा आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। स्थानीय प्रशासन को भी मौसम संबंधी अपडेट पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

अब तक सामान्य से काफी कम रही बारिश

1 जून से 6 जुलाई 2026 के बीच उत्तर प्रदेश में औसतन 73.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 134.5 मिलीमीटर माना जाता है। इस प्रकार प्रदेश में अब तक लगभग 45 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में केवल 69.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य आंकड़ा 150.6 मिलीमीटर है, यानी यहां 54 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 79.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 111.9 मिलीमीटर की तुलना में करीब 29 प्रतिशत कम है।

प्रमुख शहरों के वर्षा आंकड़े

बारिश के आंकड़ों में अलग-अलग शहरों की स्थिति भी भिन्न दिखाई दे रही है। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बरेली और झांसी में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। कानपुर में भी औसत से कम बारिश हुई, जबकि आगरा में स्थिति लगभग सामान्य रही। मेरठ ऐसा प्रमुख शहर रहा जहां अब तक सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण इन आंकड़ों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।

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