बिहार

NIA – कंबोडिया लिंक वाले मानव तस्करी नेटवर्क पर छह राज्यों में हुई बड़ी कार्रवाई

NIA- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विदेशों में युवाओं को कथित रूप से साइबर ठगी के नेटवर्क में फंसाने और मानव तस्करी से जुड़े मामले की जांच के तहत मंगलवार को बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कुल छह स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। बिहार के सीवान, गोपालगंज, सारण और पूर्वी चंपारण समेत कई जिलों में एजेंसी की टीमों ने संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन, लैपटॉप, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त की गई, जिनकी अब विस्तृत जांच की जाएगी।

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फरार आरोपी की तलाश में तेज हुई जांच

एनआईए के अनुसार, इस मामले का मुख्य आरोपी आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह है, जो फिलहाल फरार है। एजेंसी पहले ही इस प्रकरण में उसके साथ चार अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इससे पहले इस मामले में तीन लोगों को कंबोडिया से भारत लौटने पर गिरफ्तार भी किया गया था। वर्तमान छापेमारी उसी जांच का हिस्सा बताई जा रही है, जिसके तहत संदिग्ध संपर्कों और नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।

बिहार के कई जिलों में हुई पूछताछ

जांच के दौरान गोपालगंज के एक ट्रैवल एजेंट से कई घंटे तक पूछताछ की गई। वहीं सारण जिले के पचरूखवा गांव में एक व्यक्ति से विदेश भेजे गए युवकों के संबंध में जानकारी जुटाई गई। पूर्वी चंपारण के कालूपाकड़ गांव में भी एक ट्रैवल एजेंट से पूछताछ के बाद उसका मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज जांच के लिए जब्त किए गए। अधिकारियों का मानना है कि इन लोगों के संपर्कों से नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

विदेश भेजे गए युवक की शिकायत बनी जांच का आधार

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम चंपारण के एक युवक ने कंबोडिया भेजे जाने के बाद कथित रूप से जबरन साइबर ठगी से जुड़े काम कराने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद एनआईए ने पूरे मामले की जांच शुरू की। इसी दौरान कुछ ट्रैवल एजेंटों और विदेश भेजने वाले नेटवर्क की भूमिका संदेह के घेरे में आई। एक संदिग्ध को पूछताछ के बाद 10 जुलाई को पटना स्थित एनआईए कार्यालय में उपस्थित होने का नोटिस भी दिया गया है।

डिजिटल साक्ष्यों की होगी विस्तृत जांच

जांच एजेंसी अब जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फॉरेंसिक विश्लेषण करेगी। अधिकारियों का उद्देश्य कॉल रिकॉर्ड, संपर्क सूची, डिजिटल लेनदेन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाना है कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि विदेश भेजे गए युवाओं की भर्ती और यात्रा की व्यवस्था किन माध्यमों से की जाती थी।

स्थानीय स्तर पर बढ़ी सतर्कता

सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद संबंधित इलाकों में हलचल का माहौल रहा। हालांकि, एनआईए ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की विस्तार से पड़ताल की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों से पूछताछ की गई है, उनके संबंध में फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

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