Monsoon – उत्तराखंड में तेज बारिश का दौर जारी, एक्सप्रेसवे पर बढ़ी चुनौतियां
Monsoon- उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। मंगलवार को देहरादून सहित गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई जिलों में रुक-रुककर अच्छी वर्षा हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और उमस से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए भी अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गर्जना की संभावना जताई है। लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अनुमान है, जबकि मैदानी जिलों में बिजली गिरने की आशंका को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई आपदा तैयारी
मानसून के दौरान संभावित आपदाओं और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक 12 सदस्यीय टीम किसी भी सूचना के बाद कम समय में सक्रिय होकर राहत और उपचार की जिम्मेदारी संभालेगी। साथ ही राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों को भी इसी तरह की टीमें गठित करने और आपसी समन्वय मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर मलबा गिरने से असर
लगातार बारिश का प्रभाव दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भी देखने को मिला है। सहारनपुर के बिहारीगढ़ स्थित वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण एक दिशा की तीन लेन में से दो लेन को एहतियातन बंद करना पड़ा। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यातायात को नियंत्रित तरीके से संचालित किया गया। सुरक्षा कारणों से एनएचएआई ने डाट काली मंदिर की ओर जाने वाले एलिवेटेड फ्लाईओवर पर भी अस्थायी रूप से यातायात रोक दिया है।
भूस्खलन रोकने के लिए तेज किए गए सुरक्षा कार्य
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने संभावित भूस्खलन को देखते हुए पहाड़ी ढलानों को सुरक्षित बनाने का काम तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार संवेदनशील स्थानों पर ढलानों की कटिंग, स्टील वायर जाल लगाने और गहरी पाइलिंग जैसे सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य बारिश के दौरान मलबा गिरने की घटनाओं को कम करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जब तक स्थिति पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक यातायात को सावधानी के साथ संचालित किया जाएगा।
बारिश से अन्य मार्गों पर भी बढ़ी परेशानी
मानसून का असर एक्सप्रेसवे के अलावा आसपास के सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा है। बागपत क्षेत्र में गांगनौली अंडरपास के पास हाल में तैयार किया गया सीसी स्लैब क्षतिग्रस्त होने और मिट्टी कटने की सूचना मिली है। वहीं मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों में जलभराव के कारण वाहनों की गति धीमी रही। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित स्थानों से पानी निकालने, बैरिकेडिंग करने और नालों की सफाई का काम शुरू कर दिया है ताकि आगे होने वाली दिक्कतों को कम किया जा सके।