CyberFraud – लोन ऐप के झांसे में फंसे आईटीबीपी जवान को मिला 64 करोड़ का नोटिस
CyberFraud- उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से साइबर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें आईटीबीपी के एक जवान को ऑनलाइन लोन आवेदन करना भारी पड़ गया। जानकारी के अनुसार जवान ने करीब दो वर्ष पहले एक मोबाइल लोन ऐप के माध्यम से 50 हजार रुपये का ऋण लेने के लिए आवेदन किया था। लोन स्वीकृत नहीं हुआ, लेकिन बाद में उनके नाम पर कथित रूप से फर्जी कारोबार संचालित किए जाने का मामला सामने आया। हाल ही में जीएसटी विभाग की ओर से 64 करोड़ रुपये की कर देनदारी से जुड़ा नोटिस मिलने के बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है।

दस्तावेज अपलोड करने के बाद शुरू हुआ पूरा मामला
पुलिस के अनुसार आवेदन प्रक्रिया के दौरान जवान ने ऐप पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और बिजली बिल जैसे आवश्यक पहचान दस्तावेज अपलोड किए थे। कुछ समय बाद ऐप की ओर से लोन आवेदन अस्वीकार होने की सूचना दी गई। इसके बाद उन्होंने इस प्रक्रिया को सामान्य मानकर छोड़ दिया। हालांकि, बाद में सामने आए घटनाक्रम से पता चला कि उनके दस्तावेजों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया गया।
फर्जी फर्म बनाकर किया गया दुरुपयोग
पिथौरागढ़ साइबर सेल के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह आशंका सामने आई है कि साइबर अपराधियों ने जवान के दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम से एक फर्जी व्यावसायिक फर्म का पंजीकरण कराया। इसके बाद कागजी रिकॉर्ड में कंपनी का कारोबार करोड़ों रुपये का दर्शाया गया। आरोप है कि इसी आधार पर कथित फर्जी जीएसटी बिल तैयार किए गए और विभिन्न संस्थाओं के नाम पर उनका उपयोग किया गया, जिससे भारी कर देनदारी दर्ज हो गई।
जीएसटी नोटिस मिलने पर परिवार हुआ परेशान
पीड़ित परिवार के अनुसार लगभग दो महीने पहले जीएसटी विभाग की ओर से 64 करोड़ रुपये की रिकवरी से संबंधित नोटिस प्राप्त हुआ। इस नोटिस के बाद परिवार को पूरे मामले की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस और साइबर सेल से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
साइबर सेल कर रही तकनीकी जांच
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि संबंधित मोबाइल ऐप किस नेटवर्क से संचालित हो रहा था और दस्तावेजों का उपयोग किन माध्यमों से किया गया। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, पंजीकरण संबंधी जानकारी और वित्तीय लेनदेन के पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन लोन लेते समय बरतें सावधानी
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी मोबाइल ऐप पर व्यक्तिगत दस्तावेज साझा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की पूरी जांच करना जरूरी है। केवल अधिकृत और प्रमाणित वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ही ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन करना सुरक्षित माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति के नाम पर बिना जानकारी के फर्म या वित्तीय गतिविधि दर्ज होने की आशंका हो, तो तुरंत संबंधित विभाग और साइबर पुलिस से संपर्क करना चाहिए।