YamunaCity – यमुना सिटी के 5100 किसानों को जल्द मिलेंगे आवासीय प्लॉट
YamunaCity – यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी आवासीय योजना पर काम तेज हो गया है। प्राधिकरण ने करीब 5100 किसानों को विकसित आवासीय प्लॉट आवंटित करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है और अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों आवंटन पत्र वितरित कराने की योजना बनाई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से लंबित आबादी प्लॉट की समस्या का समाधान करना और यमुना सिटी में बसावट को बढ़ावा देना है।

सेक्टरों में मिलेंगे विकसित आवासीय प्लॉट
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में तेजी से भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके बदले किसानों को मुआवजा देने के साथ आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है। अब तक अधिकांश किसानों को गांव की आबादी सीमा के भीतर सात प्रतिशत आबादी प्लॉट देने की व्यवस्था थी, लेकिन कई स्थानों पर भूमि विवाद और अन्य प्रशासनिक कारणों से कब्जा नहीं मिल सका। इसी स्थिति को देखते हुए अब किसानों को विकसित रिहायशी सेक्टरों में प्लॉट देने का निर्णय लिया गया है।
31 गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ
YEIDA के अनुसार, अब तक 31 गांवों के किसानों के लिए 11 हजार से अधिक प्लॉटों के आरक्षण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इनमें से पहले चरण में लगभग 5100 प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। इनका आवंटन पूरा होने के बाद पात्र किसानों को विधिवत आवंटन पत्र सौंपे जाएंगे। प्राधिकरण का मानना है कि इससे वर्षों से लंबित मामलों का समाधान होगा और किसानों को वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
बसावट बढ़ाने पर भी रहेगा जोर
यमुना सिटी में बड़ी संख्या में आवासीय प्लॉट आवंटित होने के बावजूद बसावट अभी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 30 हजार से अधिक प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं, लेकिन केवल करीब दो हजार स्थानों पर ही निर्माण कार्य शुरू हुआ है। इनमें भी अधिकांश निर्माण अधूरा है। अधिकारियों का कहना है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन के बाद इस क्षेत्र में आबादी और निवेश दोनों में तेजी आने की संभावना है। ऐसे में किसानों को सेक्टरों में प्लॉट देने से भी आवासीय विकास को गति मिलेगी।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
क्षेत्र के किसान लंबे समय से विकसित सेक्टरों में आवासीय प्लॉट देने की मांग कर रहे थे। कई किसानों को आरक्षण पत्र मिलने के बावजूद अब तक जमीन का वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया था। प्राधिकरण का कहना है कि नई योजना के लागू होने से ऐसे मामलों में राहत मिलेगी और विवादित भूखंडों की जगह व्यवस्थित विकसित प्लॉट उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
खरीदारों ने उठाए अलग मुद्दे
इधर, ग्रेटर नोएडा में डब्ल्यूटीसी परियोजनाओं से जुड़े खरीदारों ने यूपी रेरा कार्यालय पहुंचकर अपनी लंबित शिकायतों को लेकर चिंता जताई। खरीदारों का कहना है कि परियोजनाओं से संबंधित मामलों में आदेश जारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका आरोप है कि वर्षों से भुगतान करने के बाद भी उन्हें संपत्ति का कब्जा नहीं मिल पाया है। इस संबंध में उन्होंने शीघ्र समाधान की मांग की है।