Earnings – TCS के तिमाही नतीजों के बाद टिकी निवेशकों की नजर, AI कारोबार बना प्रमुख सहारा
Earnings – देश की अग्रणी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के जून तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी होने के बाद शुक्रवार को बाजार की निगाहें कंपनी के शेयर पर टिकी रहेंगी। कंपनी ने बाजार बंद होने के बाद अपने परिणाम घोषित किए। तिमाही आधार पर कंपनी की करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 0.4 प्रतिशत रही, जो बाजार के अनुमानित दायरे के ऊपरी स्तर पर रही। वहीं, वेतन वृद्धि के प्रभाव के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन में 130 बेसिस पॉइंट की कमी दर्ज की गई, जिसे विश्लेषक पहले से संभावित मान रहे थे।

AI कारोबार से मिला मजबूत समर्थन
तिमाही रिपोर्ट में सबसे सकारात्मक संकेत Artificial Intelligence से जुड़े कारोबार से मिले। कंपनी के अनुसार, AI आधारित सेवाओं से होने वाली आय पिछली तिमाही की तुलना में 13.6 प्रतिशत बढ़कर 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच गई। अब कंपनी की कुल आय में इस सेगमेंट की हिस्सेदारी लगभग 8.5 प्रतिशत हो गई है। इससे स्पष्ट है कि नई तकनीकों से जुड़ी सेवाएं कंपनी के कारोबार में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कानूनी प्रावधान का मुनाफे पर असर
कंपनी के शुद्ध लाभ पर एकमुश्त कानूनी प्रावधान का असर भी दिखाई दिया। कानूनी दावों के निपटारे के लिए 668 करोड़ रुपये का असाधारण खर्च दर्ज किए जाने से तिमाही लाभ घटकर 13,349 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, यदि इस विशेष मद को अलग कर दिया जाए तो कंपनी का लाभ बाजार के कई अनुमानों से बेहतर माना जा रहा है।
ब्रोकरेज की राय और आगे का अनुमान
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने TCS पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखी है और 2,350 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि प्रबंधन की टिप्पणियां उम्मीद से बेहतर रही हैं, लेकिन वैश्विक मांग को लेकर अनिश्चितता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दूसरी तिमाही अपेक्षाकृत बेहतर रह सकती है, हालांकि मांग में स्थायी सुधार के स्पष्ट संकेत अभी सीमित हैं।
उत्पादकता बढ़ने से भविष्य में रह सकता है दबाव
कंपनी प्रबंधन ने माना कि AI आधारित उत्पादकता में सुधार का लाभ ग्राहकों को भी दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट के नवीनीकरण के दौरान लगभग 10 से 15 प्रतिशत तक उत्पादकता लाभ ग्राहकों के साथ साझा किया जा रहा है। हालांकि नए प्रोजेक्ट्स से मिलने वाला कारोबार फिलहाल इस प्रभाव की काफी हद तक भरपाई कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में यह रुझान जारी रह सकता है और पारंपरिक आईटी सेवाओं के राजस्व पर कुछ दबाव बना रह सकता है।
नतीजों से पहले शेयर में रही हलचल
तिमाही नतीजों से पहले गुरुवार के कारोबार में TCS का शेयर शुरुआती कमजोरी से उबरकर बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, अमेरिकी बाजार में सूचीबद्ध भारतीय आईटी कंपनियों के एडीआर में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। इंफोसिस के एडीआर में लगभग 2 प्रतिशत और विप्रो के एडीआर में करीब 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिससे आईटी सेक्टर के प्रति निवेशकों की रुचि बनी हुई है।