Fisheries – राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस पर बीज वितरण अभियान की शुरुआत
Fisheries– राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला मत्स्य कार्यालय की ओर से गोपनीय कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में उपायुक्त मनीष कुमार ने मत्स्य बीज उत्पादकों के बीच निःशुल्क मत्स्य बीज का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य पालकों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और विभाग की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।

21 मत्स्य बीज उत्पादकों को मिला लाभ
कार्यक्रम के दौरान जिले के 21 मत्स्य बीज उत्पादकों को लगभग 13.20 लाख कार्प हैचरी स्पॉन के कुल 660 पैकेट निःशुल्क उपलब्ध कराए गए। जिला प्रशासन का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन क्षमता बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर मत्स्य पालन को अधिक सशक्त बनाना है।
वैज्ञानिक मत्स्य पालन को दिया जा रहा बढ़ावा
मत्स्य पालन को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से विकसित करने के लिए लाभार्थियों को जल की गुणवत्ता बनाए रखने में उपयोगी वाटर कंडीशनर और प्रोबायोटिक सामग्री भी वितरित की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन संसाधनों के उपयोग से मत्स्य बीज की गुणवत्ता बेहतर होगी और उत्पादन में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिल सकता है।
नई वितरण योजना का हुआ शुभारंभ
इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के मत्स्य बीज वितरण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए उपलब्ध सुविधाओं का प्रभावी उपयोग करने की सलाह दी।
आय बढ़ाने पर प्रशासन का विशेष जोर
जिला प्रशासन का कहना है कि इस पहल का प्रमुख उद्देश्य मत्स्य बीज उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार करना है, ताकि मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि हो सके। कार्यक्रम में मौजूद लाभार्थियों ने विभाग की ओर से मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त किया और इसे जिले में मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
अधिकारियों और लाभार्थियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में जिला मत्स्य कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में मत्स्य बीज उत्पादक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने लाभार्थियों को मत्स्य पालन से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी और भविष्य में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। प्रशासन का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से जिले में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिलेगी और ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी।